शेयर बाजार में कोराना काल के बाद तेजी से निवेशकों की संख्या में इजाफा हुआ है. इसकी मुख्य वजहों में सबसे आगे शेयर बाजार में मिलने वाला तगड़ा रिटर्न है. डीमैट खातों की संख्या हर दिन बढ़ रही है. कोविड से पहले डीमैट अकाउंट की संख्या 3 करोड़ के आसपास थी, जोकि अब बढ़कर 15 करोड़ के पार निकल गया है. निवेश के अन्य ऑप्शन के मुकाबले निवेशकों में स्टॉक मार्केट काफी पॉपुलर हो गया है. यही वजह है कि हर रोज डीमैट खाते की संख्या में इजाफा हो रहा. अगर आपने अब तक नहीं ओपन किया है, तो चलिए जानते हैं डीमैट अकाउंट ऑफलाइन और ऑनलाइन कैसे खुलवाते हैं...

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ऑनलाइन डीमैट और ट्रेडिंग खाता कैसे खोलें?

ऑनलाइन डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलने के लिए सबसे पहले जिरोधा, एंजल वन जैसे अन्य ब्रोकर ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करें. अप्लीकेशन फॉर्म भरें, जरूरी डॉक्युमेंट्स अपलोड करें और ई-KYC पूरा करें. आइडेंटिफिकेसन के बाद ट्रेडिंग अकाउंट एक्टिव हो जाएगा. इसे स्टेप-बाय स्टेप समझते हैं..

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  1. सबसे पहले जिस ब्रोकरेज फर्मट के यहां अकाउंट खुलवाना है उसका चयन करें,
  2. अब उस ब्रोकरेज फर्म की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं,
  3. ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरें,
  4. जरूरी डॉक्युमेंट्स जैसे पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक डीटेल्स समेत अन्य को भरें,
  5. e-KYC प्रॉसेस करें, OTP के जरिए मोबाइल नंबर का सत्यापन करें
  6. चुनिंदा ब्रोकरेज फर्म इन-पर्सन वेरिफिकेशन भी करते हैं, जोकि डिजिटली किया जा सकता है
  7. वेरिफिकेशन का इंतजार करें. ब्रोकरेज फर्म डॉक्युमेंट्स और एप्लीकेशन को वेरिफाई करते हैं.
  8. खाते से जुड़ें लॉग-इन क्रेडेंशियल मिलता है, जिसे एक्टिव अकाउंट में इस्तेमाल किया जाता है,
  9. एक्टिव अकाउंट से ट्रेडिंग शुरू करें

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डीमैट अकाउंट ऑफलाइन कैसे खुलेगा?

  1. सबसे पहले पसंदीदा ब्रोकरेज फर्म का चुनाव करें.
  2. ब्रोकरेज फर्म के नजदीकी ब्रांच पर विजिट करें
  3. अकाउंट खोलने के लिए अप्लीकेशन फॉर्म प्राप्त करें
  4. अप्लीकेशन फॉर्म को बेहद सावधानी के साथ पूरा भरें
  5. ID प्रूफ जैसे आधार या पैन कार्ड, एड्रेस प्रूफ और बैंक डीटेल्स फॉर्म के साथ जमा करें
  6. IPV प्रोसेस को पूरा करें, जोकि अकाउंट ओपन करने के लिए अनिवार्य होता है
  7. भरे हुए अप्लीकेशन फॉर्म को जरूरी डॉक्युमेंट्स के साथ ब्रांच ऑफिसर के पास जमा करें
  8. जांच-परख के बाद आपका डीमैट अकाउंट एक्टिव हो जाएगा
  9. अकाउंट एक्टिवेशन के बाद ट्रेडिंग शुरू कर सकते हैं

क्या होता है डीमैट अकाउंट?

डीमैट अकाउंट फाइनेंशियल सिक्योरिटीज को डिजिटल रूप में रखता है. जबकि ट्रेडिंग अकाउंट इन सिक्योरिटीज को स्टॉक मार्केट पर खरीदने या बेचने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक स्टॉक ट्रेडिंग में हिस्सा लेने के लिए दोनों का एक्टिव होना जरूरी होता है.

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कितने हैं डीमैट अकाउंट?

देश में डीमैट खातों की संख्या अप्रैल में 15.14 करोड़ रही, जोकि पिछले साल 11.45 करोड़ थी. डीमैट खातों की संख्या में सालाना आधार पर 11.9% की पॉजिटिव ग्रोथ दर्ज की गई है. यानी FY24 में हर महीने औसतन 30 लाख अकाउंट खुले. ये आंकड़े ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की ओर से जारी किए हैं. बता दें कि डीमैट खाते डिपॉजिटरी देखतें हैं. भारत NSDL और CDSL डिपॉजिटिरीज हैं. जबकि कोरोना के पहले देश में करीब 3 करोड़ डीमैट खाते ही थे.