नई दिल्ली। अच्छे रिटर्न की तलाश में ज्यादातर लोग म्युचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं। लेकिन अभी भी काफी लोगों को यह नहीं पता है कि म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे किया जाता है। हालांकि यह काफी आसान है। म्युचुअल फंड में 3 तरह से निवेश किया जा सकता है। इसमें पूरी तरह से ऑनलाइन से लेकर फार्म भर कर निवेश किया जा सकता है। म्युचुअल फंड में निवेश किया गया पैसा शेयर बाजार में लगाया जाता है, इसलिए कई लोगों को लगता है कि इसके लिए डीमैट अकाउंट जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बिना डीमैट अकाउंट के भी निवेश किया जा सकता है।
यह तरीका काफी आम है। इसमें किसी एजेंट के माध्यम से निवेश करना होता है। अगर एजेंट को खोजने में दिक्कत हो तो जिस कंपनी में निवेश करना चाहते हैं, उस कंपनी की वेबसाइट से टोल फ्री नम्बर लेकर बात कर सकते हैं। कंपनी आपके इलाके में जो एजेंट हैं उनसे संपर्क करा देगी। फिर इस एजेंट की मदद से आप निवेश कर सकते हैं।
ब्रोकर या किसी म्युचुअल फंड बेचने वाली वेबसाइट के माध्यम से भी निवेश किया जा सकता है। कई लोग शेयर बाजार में निवेश करते हैं, वह अपने ब्रोकर अकाउंट के माध्यम से भी म्युचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा देश में एक दर्जन से ज्यादा वेबसाइट हैं, जो म्युचुअल फंड बेचती हैं। लोग इन वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन कराने के बाद म्युचुअल फंड खरीद सकते हैं। अगर जरूरत हो तो यह वेबसाइट अपने एजेंट भी निवेशक के पास मदद के लिए भेजती हैं।
म्यूचुअल फंड में निवेश का तीसरा तरीका डायरेक्ट प्लान में निवेश कहलाता है। सेबी के आदेश के बाद सभी म्युचुअल फंड कंपनियां अपनी सभी स्कीम्स में डायरेक्ट प्लान के माध्यम से निवेश का ऑप्शन देती हैं। इनमें निवेश पूरी तरह से ऑनलाइन होता है। आप म्युचुअल फंड कंपनी की वेबसाइट पर जाकर सीधे स्कीम चुनते हैं और कुछ स्टेप में निवेश की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। यहां पर पेमेंट भी ऑनलाइन करना होता है।
अंश फाइनेंशियल एंड इन्वेस्टमेंट के डायरेक्टर दिलीप कुमार गुप्ता के अनुसार म्युचुअल फंड के बारे में अगर जानकारी न हो तो निवेश से पहले किसी जानकार ही राय ले लेना चाहिए। ऐसा न करने से नुकसान हो सकता है। अगर समझ है तो निवेश का सबसे अच्छा तरीका डायरेक्ट प्लान होते हैं। इनमें अन्य तरीके से किए निवेश से ज्यादा रिटर्न मिलता है। इसका कारण है कि निवेशक को डायरेक्ट प्लान में निवेश पर एजेंट को कमीशन नहीं देना होता है। इससे रिटर्न थोड़ा ज्यादा मिलना संभव हो जाता है।
म्युचुअल फंड में निवेश के बारे में जानना काफी आसान है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड इन इंडिया की वेबसाइट पर जाकर इसके बारे में जानकारी ली जा सकती है। लेकिन इस वेबसाइट पर जानकारी लेने के बाद कुछ दिनों तक म्युचुअल फंड पर निगाह भी रखें और उनके नेट आसेट वैल्यू (एनएवी) में बदलाव के बारे में जानें। इससे आपकी म्युचुअल फंड के बारे में बेसिक समझ आच्छी हो जाएगी।
ये है बेवसाइट का पता
रिस्क को ध्यान में रखकर करें निवेश
हर निवेश से जुड़ा कोई न कोई रिस्क होता है। म्युचुअल फंड में भी निवेश से जुड़े कई रिस्क होते हैं, जिन्हें जानना जरूरी होता है।
शेयर बाजार से जुड़े रिस्क
म्युचुअल फंड में अगर इक्विटी स्कीम में पैसा लगा रहे हैं, तो आपको पता होना चाहिए कि जुटाए पैसों का निवेश शेयर बाजार में किया जाता है। स्टॉक मार्केट के बारे में कुछ भी भविष्यवाणी करना कठिन होता है, इसी कारण इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेश रिस्की माना जाता है। हालांकि जानकारों का कहना है कि थोड़ा-थोड़ा पैसा लम्बे समय तक लगाया जाए तो अच्छा रिटर्न पाया जा सकता है।
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