नयी दिल्ली। मौजूदा समय में अच्छी और उच्च शिक्षा महंगी हो गयी है। बल्कि अब तो अच्छे स्कूलों में भी शुरुआती क्लास से ही अभिभावकों को बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए अच्छी खासी फीस भरनी पड़ती है। ऐसे में आप हमेशा सही वक्त पर अपने बच्चे की शिक्षा के लिए पैसों का इंतजाम कर पायें ये जरूरी नहीं। इसलिए उन विकल्पों के बारे में जान लेना बेहद जरूरी है, जो वक्त आने पर आपके काम आ सकते हैं। एजुकेशन लोन आपके फाइनेंस को परेशान किए बिना बच्चे की उच्च शिक्षा का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। आप अपने बच्चे के लिए भारत या विदेश में भी पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन ले सकते हैं। अगर आप अपने बच्चे को अच्छी शिक्षा दिलवाने के लिए लोन लेने की योजना बना रहे हैं तो आपके पास इस समय भी बहुत सारे ऑप्शंस हैं। हम आपको बताते हैं कि कैसे आप अपने बच्चे के लिए आसानी से एजुकेशन लोन का इंतजाम कर सकते हैं।
Payed एक स्टार्टअप है, जिसे एन वी सुब्रमण्यम ने जनवरी 2018 शुरू किया है। एन वी सुब्रमण्यम ने बच्चों की शिक्षा से संबंधित दिक्कतों पर ध्यान देते हुए उनका हल निकालने के लिए मई 2019 में इसे एक व्यापार मॉडल में बदल दिया। Payed खास कर मिडिल क्लास परिवारों पर ध्यान देता है, जहाँ लोन की जरूरत अधिक होती है। Payed बच्चों के पैरेंट्स को उनकी स्कूल, कॉलेज या कोचिंग की फीस भरने के लिए लोन देता है। अपने स्टार्टअप के बारे में एन वी सुब्रमण्यम कहते हैं कि शिक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण है और बच्चों की फीस भरने के लिए अभिभावकों पर कोई दबाव न पड़े, इसलिए हमने Payed की शुरुआत की। लोन मुहैया कराता है। सबसे बात है कि Payed बेहद किफायती चार्जेज लेता है।
Payed से लोन लेना भी बेहद आसान है। यदि आप अपने बच्चे के लिए एजुकेशन लोन लेना चाहते हैं तो आप इसकी ऐप या वेबसाइट के जरिए आसानी से लोन ले सकते हैं। इसमें बैंक जाने की झंझट या नकदी जमा करने की जरूरत या नहीं होती। गौरतलब है कि बतौर क्रेडिट लाइन Payed को आरबीएल से 100 करोड़ रुपए हासिल हुए हैं। अपने स्टार्टअप के लिए एन वी सुब्रमण्यन ने भी फाउंडर के रूप में बतौर फाउंडर 40 लाख रुपए का निवेश किया है। मौजूदा समय में कंपनी का ध्यान तेजी से अपना उपभोक्ता आधार बढ़ाने पर है।
भारत से बाहर पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन लेते आपको कुछ जरूरी खर्चों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। इन खर्चों में ट्यूशन फीस, एकोमोडेशन या बोर्डिंग शुल्क, खाना, आना-जाना और यात्रा वगैरह शामिल हैं। जैसा कि आम तौर पर होता है कि कई कॉलेज किताबें और बाकी पढ़ने की सामग्री देते हैं, मगर फिर भी ट्यूशन फीस और विदेश में पढ़ाई के दौरान होने वाले रोजमर्रा खर्चे प्रमुख है। इसलिए एजुकेशन लोन से पहले आपको अलग-अलग ऑप्शन पर विचार करना चाहिए। साथी ही ब्याज दर और लोन राशि पर ध्यान देना न भूलें।
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