Bengaluru Homebuyers: Karnataka Real Estate Regulatory Authority (K-RERA) ने बेंगलुरु में एक घर खरीदार को बड़ी राहत दी है। K-RERA ने बिल्डर को करीब ₹2.56 करोड़ को घर खरीदार को वापस करने का आदेश दिया है। यह आदेश इसलिए आया क्योंकि बिल्डर ने तय समय पर घर पोजेशन भूल गया और खरीदार को बिना कोई साफ जवाब दिए सालों तक इंतजार कराया।

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K-RERA के पास शिकायत दर्ज की

इस खरीदार ने अप्रैल 2015 में मंट्री वेबसिटी 2A प्रोजेक्ट में एक फ्लैट बुक कराया था और 17 अप्रैल 2015 को साइन हुए सेल एग्रीमेंट में बिल्डर ने कहा था कि 31 मार्च 2017 तक फ्लैट तैयार कर दिया जाएगा। इसके बदले में खरीदार ने कुल ₹1.46 करोड़ (₹14,615,251) का भुगतान भी कर दिया था।

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लेकिन काफी समय बीतने के बाद 31 मार्च 2017 तक भी फ्लैट तैयार नहीं हुआ। बिल्डर ने ना ही फ्लैट का पोजेशन दिया और ना ही कोई नया तारीख बताई। लगातार देरी देख कर खरीदार ने K-RERA के पास शिकायत दर्ज करवाई, ताकि अपने पैसे और उसे घर मिल सके।

खरीदार को मिला पूरा भुगतान

K-RERA ने सभी डॉक्यूमेंट्स की जांच कर ये जानकारी हासिल की बिल्डर ने दिसंबर 2018 तक फ्लैट देने का वादा किया था, जिसमें एक्स्ट्रा ग्रेस पीरियड भी शामिल था। लेकिन समझौते की तारीख से 60 महीने बीत जाने के बावजूद पोशेजन की पेशकश तक नहीं की गई।

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अपनी फाइनल प्ली में रेगुलेटरी अथॉरिटी ने बिल्डर को आदेश दिया कि वह खरीदार को उसका पूरा भुगतान यानी ₹14,615,251 और ₹12,708,927 ब्याज के साथ मिलाकर कुल ₹25,647,520 लौटाए और इस तरह खरीदार को करीब ₹2.56 करोड़ की राशि वापस मिलेगी।

60 दिनों के भीतर यह रकम चुकाने को कहा

रेरा ने यह भी तय किया कि बिल्डर को नोटिस की तारीख से 60 दिनों के भीतर यह रकम चुकानी होगी। अगर वह समय पर पैसे नहीं लौटाता, तो खरीदार सेक्शन 40 के तहत जिला उपायुक्त के जरिए राशि वसूल सकता है।

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K-RERA ने साफ किया कि रियल एस्टेट कंपनियों को कानून के दायरे में रहकर काम करना होगा, वरना उन्हें भारी जुर्माना और वापसी का दंड भुगतना पड़ेगा। यह मामला घर खरीदने वालों को लिए भी बड़ा मैसेज है कि अपने अधिकारों के लिए सतर्क रहें और सभी डॉक्यूमेंट्स संभालकर रखें। साथ ही, समय-सीमा का पालन न होने पर तुरंत रेरा जैसी संस्थाओं का सहारा लें ताकि आपके पैसे सुरक्षित रहें।