नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। कोरोना वायरस के चलते देश में 21 दिनों से लागू लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाए गया है। कोविड19 लॉकडाउन की वजह से भारत में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। वहीं इस भयावह बीमारी से लड़ने के लिए उद्योग जगत अपने अपने तरीके से मदद के लिए आगे आ रहा है। लॉकडाउन : क्रिएटिविटी दिखाएं और पाएं Hero XPulse 200 बाइक ये भी पढ़ें
कोरोना के खिलाफ जारी इस जंग में अब हीरो भी आगे आया है। देश की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने कोरोना के खिलाफ इस जंग में फर्स्ट रिस्पांडर मोबाइल एम्बुलेंस को दान किया है। जी हां अब ऑटो कंपनियां आगे आ रही हैं और महामारी के इस दौर में अपनी ओर से हरसंभव मदद कर रही हैं। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए हीरो मोटोकॉर्प ने मोटरसाइकिल एंबुलेंस तैयार की हैं। वहीं कंपनी ने बयान में कहा है कि ये यूनीक और यूटिलिटेरियन मोबाइल एंबुलेंस ग्रामीण और देहाती इलाकों में मरीजों तक पहुंचने और उन्हें नजदीकी हॉस्पिटल तक सुविधाजनक तरीके से पहुंचाने में काफी उपयोगी हैं। हीरो मोटोकॉर्प ने ऐसी 60 फर्स्ट रिस्पॉन्डर मोबाइल एंबुलेंस अथॉरिटीज को डोनेट करने की घोषणा की है।
हीरो मोटोकॉर्प की ये मोटरसाइकिल एंबुलेंस कस्टम बिल्ट हैं। इन्हें तैयार करने के लिए हीरो की 150cc और इससे ज्यादा के इंजन डिस्प्लेसमेंट वाली बाइक्स पर कई एक्सेसरीज फिट की गई हैं। वहीं हीरो मोटोकॉर्प मोबाइल एंबुलेंस में लेटने/सोने तक की व्यवस्था है। इसके साथ में सभी जरूरी इक्विपमेंट जैसे फर्स्ट ऐड किट, ऑक्सीजन सिलिंडर, सायरन, फायर एक्सटिंग्विशर आदि मौजूद हैं। इस बाइक में कंपनी ने 199.6 cc की क्षमता का सिंगल सिलिंडर युक्त, एयर कूल्ड इंजन का प्रयोग किया है। जो कि 18.4 PS की पावर और 17.1 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। इसके अलावा इस फर्स्ट रिस्पांडर मोबाइल एम्बुलेंस में कंपनी ने वॉकी टॉकी भी दिया है। इस एम्बुलेंस को देश के अलग अलग हिस्सों में वितरित किया जाएगा।
दूसरी ओर ये भी बता दें कि इससे पहले हीरो ग्रुप कोविड19 से जंग में भारत की मदद करने के लिए 100 करोड़ रुपये देने की प्रतिबद्धता जता चुका है। वहीं ग्रुप ने इसमें से आधी धनराशि पीएम केयर्स फंड में दान की और बाकी की राशि अन्य राहत प्रयासों में खर्च की। इसके अलावा हीरो ग्रुप द्वारा धरूहेरा, हरियाणा में BML Munjal यूनिवर्सिटी भी चलाता है। ग्रुप ने इसके 2000 बेड वाले हॉस्टल को आइसोलेशन व ट्रीटमेंट वार्ड के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को पेशकश की है। वहीं कंपनी डेली वेज वर्कर्स, फंसे हुए लेबरर्स और बेघर परिवारों को रोज दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और गुजरात में के कई इलाकों में खाना भी वितरित कर रही है।
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