नई दिल्ली, जून 7। लगातार सात सत्रों में गिरावट के बाद ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड निर्माता एचईजी का शेयर शुक्रवार तक दो सत्रों में करीब 7 फीसदी चढ़कर रिकवरी मोड पर आ गया है। इसके बाद आज सोमवार को भी कंपनी के शेयर में तेजी दिख रही है। करीब सवा बजे यह लगभग 5 फीसदी की तेजी के साथ 2359 रु पर है। यह शेयर आगे भी अच्छा खासा मुनाफा करा सकता है। एक ब्रोकरेज फर्म के अनुसार मौजूदा स्तर यह लगभग 78 फीसदी कमाई करा सकता है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल।
एचईजी को जनवरी-मार्च तिमाही में घाटा हुआ है। बावजूद इसके ब्रोकरेज जेफरीज का मानना है कि यह शेयर अपग्रेड साइकिल में आ गया है। यहां से ऊपर की तरफ चलेगा। ब्रोकरेज फर्म के अनुसार ये शेयर सामान्य स्थिति में 3065 रु और अधिकतम 4200 रु तक जा सकता है। 4200 रु तक जाने का मतलब है मौजूदा स्तर से 78 फीसदी का रिटर्न।
यदि कोई निवेशक मौजूदा स्तर पर इसके 2 लाख रु के शेयर खरीद ले तो उसे 1.56 लाख रु का मुनाफा हो सकता है। हालांकि ध्यान रहे कि शेयर बाजार काफी अस्थिर और अनिश्चतता वाली जगह है। यहां दावे से कोई कुछ नहीं कह सकता। एक और बात कि निवेश करना या न करना पूरी तरह से आप पर है। यहां एचईजी के शेयर में निवेश की सलाह नहीं दी जा रही।
जेफ्रीज के अनुसार एचईजी के शेयर के 4200 रु तक जाने के पीछे कई चीजों पर निर्भर हैं। इनमें वित्त वर्ष 2022-24 के दौरान 10,000 डॉलर प्रति मिलियन टन ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड की बिक्री, 85 प्रतिशत से अधिक की उपयोग दर (यूटिलाइजेशन रेट) और निडल कोक की कीमत 2,000 डॉलर प्रति टन शामिल हैं। ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड का उपयोग इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ) प्रोसेस के माध्यम से स्टील के उत्पादन में किया जाता है। ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड, विद्युत ऊर्जा रिलीज करने वाले कंडक्टर के रूप में, एक इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस में स्टील स्क्रैप को पिघलाने के लिए उपयोग की जाती है। 1 टन स्टील के उत्पादन के लिए लगभग 1.7-1.8 किलोग्राम इलेक्ट्रोड की आवश्यकता होती है।
एचईजी की कुल बिक्री में स्टील कंपनियों को निर्यात का हिस्सा 65-70 फीसदी रहता है। इधर चीन को छोड़कर, अक्टूबर 2020 से दुनिया भर में स्टील का उत्पादन बढ़ रहा है। स्टील की कीमतें भी बढ़ी हैं, जिसके परिणामस्वरूप स्टील कंपनियों के लाभ में वृद्धि हुई है। साथ ही अप्रैल और मई में एचईजी की कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 85 फीसदी पर रहा। ये सभी चीजें कंपनी की ग्रोथ के संकेत हैं, जिसका असर कंपनी के शेयर पर पड़ेगा।
इस बीच एचईजी वित्त वर्ष 2023 तक अपनी 20000 मिलियन टन इलेक्ट्रोड क्षमता को चालू करने की योजना बना रही है। इसकी मौजूदा क्षमता 80,000 मिलियन टन है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2020-21 में 450 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि वित्त वर्ष 2021-22 में यह 650 करोड़ रुपये और उसके बाद 100 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
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