HDFC-HDFC Bank merger : एचडीएफसी बैंक ने बुधवार कहा कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एचडीएफसी एएमसी के कंट्रोल में प्रस्तावित बदलाव को आखिरी मंजूरी दे दी है।

Advertisement

इसके अलावा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने एचडीएफसी एएमसी को सेबी विनियम, 2012 के अन्य सभी प्रावधानों और उसके तहत जारी परिपत्रों के अनुपालन को सुनिश्चित करने की भी सलाह दी है।

Advertisement

यह मंजूरी एचडीएफसी के एचडीएफसी बैंक में विलय का रास्ते को सरल करने में बहुत सहायता करेगी। आने वाले फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही तक यह विलय होने की उम्मीद है।

बैंक के तरफ से एक्सचेंज को दी गई सूचना में यह बताया गया है कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने एचडीएफसी लिमिटेड की सहायक कम्पनी और एचडीएफसी एएमसी एआईएफ की इन्वेस्टमेंट मैनेजर एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को 10 मई 2023 को जारी पत्र में यह जानकारी दी।

Advertisement

जारी पत्र में कहा गया है कि एचडीएफसी एएमसी के नियंत्रण में प्रस्तावित बदलाव के लिए उसने अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। बता दें कि एचडीएफसी का एचडीएफसी बैंक में विलय देश के कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बता ट्रांजेक्शन माना जा रहा है।

पिछले वर्ष 4 अप्रैल को एचडीएफसी बैंक ने करीब 40 अरब डॉलर के सौदे में भारत को सबसे बड़ी हाउसिंग लोन कंपनी एचडीएफसी के अपने साथ विलाऊ के लिए सहमति व्यक्त की थी।

HDFC-HDFC Bank Merger- HDFC कस्टमर्स पर क्या असर होगा? आपको फायदा मिलेगा या नुकसान?GoodReturns
Advertisement

इस विलय के बाद भारत में एक दिग्गज फाइनेंशियल सर्विस कंपनी बनेगी। जिसका जो कम्बाइंड एसेट है यह बेस करीब 18 लाख करोड़ रु का होगा।

एक बार जब डील प्रभावी हो जायेगी इसके बाद एचडीएफसी बैंक सार्वजनिक शेयर धारकों की हिस्सेदारी 100 प्रतिशत होगी। जबकि विलय के बाद बनी जो कंपनी होगी। इसमें एचडीएफसी के मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत होगी।

Advertisement

इस विलय में हुए करार के बाद एचडीएफसी ने हर एक शेयर धारक को अपने हर 25 शेयर के बदले एचडीएफसी बैंक के 42 शेयर मिलेंगे।