नई दिल्ली, सितंबर 7। देश के भीतर जहां बहुत सारी शिक्षण संस्थाएं शिक्षा के दम पर करोड़ों रूपये की कमाई कर रहे है। वही कई लोगो ऐसे भी है जो पढ़ाई से पूरी तरह ही वंचित रह जाते हैं। बहुत से बच्चों का भविष्य पढ़ाई बहुत अधिक महंगी होने को वजह से रुक जाता है। अलख पांडे की भी कहानी भी कुछ इसी तरह की है। वे प्रयागराज के रहने वाले है। पांडे ने रुपयों के आभाव में पढ़ाई नहीं छोड़ी, बल्की आगे आकर दूसरों के लिए भी रास्तों को आसान बनाना शुरू कर दिया।

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घर पढ़ाई के लिए बेचना पड़ा था

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रयागराज शहर को जाना जाता है। जहां पर सबसे अधिक छात्र सरकारी और प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए आते हैं। इसी शहर से अलख पांडे ने भी अपनी प्रारंभिक शिक्षा और स्नातक किया। अलख को इंजीनियरिंग की तैयारी के व्यक्त उन्हें बहू अधिक आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा उन्होंने कहा था कि जब उन्हें बहुत अधिक रुपयों की आवश्यकता पड़ गई थी तब उनको साउथ मलाका का घर बेचना पड़ा। उनका परिवार उसके बाद कालिंदीपुरम में रहने आ गया था। वर्ष 2011 में अलख ने परीक्षा उत्तीर्ण की और एचबीटीआई कॉलेज, कानपुर में प्रवेश लिया उसके बाद वे वर्ष 2015 में पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रयागराज वापस प्रयागराज लौट आए। वापस आकर उन्होंने एक कोचिंग क्लास शुरू की।

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चैनल पर 8.33 मिलियन से अभी अधिक सब्सक्राइबर है

अलख पांडे के मुताबिक उनके मन ने ये बात आई को बहुत सारे बच्चे पैसे के अभाव में पढ़ाई नहीं कर पाते है फिर उन्होंने कोचिंग इंस्टीट्यूट बंद करने का निर्णय लिया। उसके बाद वर्ष 2017 में अलख पांडे ने यूट्यूब पर फिजिक्स वाला नाम से एक चैनल बनाया। जहां वे इंजीनियरिंग प्रतियोगिताओं के लिए भौतिकी और रसायन विज्ञान विषयों को पढ़ाना शुरू करा आज अलख के चैनल पर 8.33 मिलियन से अभी अधिक सब्सक्राइबर है। अलख को गोल्डन प्ले बटन से भी नवाजा गया है।

सफलता कड़ी मेहनत से मिली

आज अलख के चैनल फिजिक्स वाला पर हर महीने करोड़ो दर्शक आते है। फिजिक्सवाला ने कहा कि वह मराठी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, गुजराती, ओडिया, मलयालम और कन्नड़ सहित9 भाषा में शैक्षिक सामग्री लॉन्च करना चाहता है। उन्होंने कहां कि वर्ष 2025 तक उनका लक्ष्य 250 मिलियन से भी अधिक छात्रों से जुड़ना है। कंपनी ने कहा कि फिजिक्स वाला लगभग 20 ऑफलाइन कोचिंग क्लासरूम भी खोलेगी, जिसे वह पाठशाला कहती है।