नई दिल्ली। अमेरिका में भारत से जाकर काम करने वालों के लिए बड़ी खबर आई है। पूर्व राष्टपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच1बी वीजा सहित विदेशी कामगारों पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए थे। इन प्रतिबंधों की अब अवधि समाप्त हो रही है। लेकिन अमेरिका के वर्तमान राष्टपति जो बाइडन ने ट्रंप के इन प्रतिबंधों को आगे बढ़ाने से मना कर दिया है। ऐसे में -1बी वीजा पर अमेरिका जाने वाले भारतीयों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। 31 मार्च 2021 को यह प्रतिबंध खत्म हो गया है।

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कब लगा था यह प्रतिबंध

एच1बी वीजा पर यह प्रतिबंध पूर्व राष्टपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल जून में लागू किया था। यह प्रतिबंध आगे न बढ़ने से भारत के आईटी क्षेत्र के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। भारत से पहले इस वीजा पर कई हजार लोग काम करने के लिए अमेरिका जाते थे।

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क्यों लगाया गया था यह प्रतिबंध

ट्रंप का मानना था कि दुनियाभर के आईटी जानकार अमेरिका में इस वीसा के तहत आते हैं, जिससे अमेरिकी लोगों के नौकरियों पर असर पड़ता है। जब यह प्रतिबंध लागू हुए थे, उस वक्त अमेरिका बड़ी टेक कंपनियों ने इसका विरोध भी किया था। इनमें गूगल, फेसबुक, माइक्रोसाफ्ट जैसे कंपनियां शामिल थीं। इन लोगों का मानना था कि अमेरिका के लोगों की नौकरी जाने की जगह यह वीसा सिस्टम काम को बढ़ा ही रहा है।

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एच-1बी वीसा का महत्व

अमेरिका हर साल 85,000 एच-1बी वीसा जारी करता है। इसमें से 65,000 वीसा अत्याधिक काबिल कामगारों को जारी किए जाते हैं। वहीं बाकी 20,000 वीसा उन लोगों को जारी किए जाते हैं, जिन्होंने अमेरिका से हायर एजूकशन में डिग्री ली हो। इस सिस्टम का सबसे ज्यादा फायदा भारत के आईटी कामगारों को मिला है। भारत के आई प्रोफेशनल्स सबसे ज्यादा एच-1बी और एल-1 वीसा ही लेते थे।

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एच-1बी प्रतिबंध खत्म होने का क्या होगा फायदा

एच-1बी वीसा प्रतिबंध खत्म होने का सबसे ज्यादा फायदा भारत के आईटी के कामगारों को होगा। इस पर प्रतिबंध के चलते हजारों भारतीय अमेरिका नहीं जा पा रहे थे। लेकिन यह अपने एच-1बी वीसा पर अब काम पर लौट सकेंगे। इन एच-1बी रखने वालों पर अब किसी भी तरह का ट्रेवल बैन भी नहीं रहेगा।

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