Guru Nanak Jayanti 2024: इस साल गुरु नानक जयंती 15 नवंबर 2024 को है। लोगों को प्रेम करना, एकता, समानता और आध्यात्मिक सोच का संदेश देना ही गुरु नानक देव के जीवन का मूलमंत्र है। कहा तो यह भी जाता है कि गुरु नानक देव को लगभग सभी धर्मग्रंथों का ज्ञान था। चलिए आपको सिख के पहले गुरु गुरु नानक देव के जी अनमोल उपदेशों के बारे में बताते हैं।

Advertisement

पैसों की जरूरत

गुरु नानक देव जी का मानना है धन अर्जित करने के तरीके को अलग रूप में देखना चाहि। इसमें लोभ का त्याग करके, मेहनत करके और सही तरीके से ही धन कमाना करना चाहिए। इससे आपके मन में लालच नहीं रहेगी और पैसे के पीछे भागने की इच्छा नियंत्रण में रहेगी। पैसा का स्थान हमेशा जेब में ही रहना चाहिए, इसे अपने ह्रदय से लगाकर नहीं करना चाहिए यानी पैसों से ज्यादा प्यार नहीं करना चाहिए।

Advertisement

ईश्वर से अपनी गलतियों के लिए क्षमा-याचना करें

गुरु नानक देव जी का मानना है कि ईश्वर एक है और वह सभी जगह विद्यमान हैं। कभी भी किसी का हक नहीं छीनना चाहिए क्योंकि जब कोई दूसरों का हक छीनता है, तो उसे सम्मान नहीं मिलता है। इसलिए हमेशा आपके पास जितना है उसमें खुश रहना सीखना चाहिए और ईश्वर से अपनी गलतियों के लिए क्षमा-याचना करना चाहिए।

Advertisement

सेवा आपका कर्म है

गुरु नानक देव जी कहते हैं कि सेवा करने का मौका मिले जो उसे कभी छोड़ना नहीं चाहिए। हर किसी को गरीब और असहायों लोगों की सेवा से कर्म तो बढ़ता ही है साथ ही इससे संतुष्टि और शांति की प्राप्ति होती है। इसके अलावा संसार को जीतने से पहले खुद की बुराइयों और गलत आदतो पर विजय पाने की कोशिश करना चाहिए।

Advertisement

भेदभाव गलत है

गुरु नानक देव जी कहते हैं कि भेदभाव गलत है। स्त्री- पुरुष सभी को सामान मानें। गुरु नानक देवजी ने जात-पांत को समाप्त करने और सभी को समान दृष्टि से देखने की दिशा में कदम उठाते हुए 'लंगर' की प्रथा शुरू की थी। लंगर में सब छोटे-बड़े, अमीर-गरीब एक ही पंक्ति में बैठकर भोजन करते हैं। आज भी गुरुद्वारों में उसी लंगर की व्यवस्था चल रही है, जहां हर समय हर किसी को भोजन उपलब्ध होता है।