नई दिल्ली। कोरोना वायरस के चलते देशभर में लागू लॉकडाउन के निगेटिव प्रभाव को कम करने के लिए मोदी सरकार ने आज विस्तृत गाइड लाइन जारी की है। कल यानी 14 अप्रैल को पीएम नरेन्द्र मोदी ने देशव्यापी लॉकडाउन को 3 मई तक के लिए बढ़ाने की घोषणा के साथ ही आज गाइड लाइन जारी करने की जानकारी दी थी। इसी सिलसिले में आज सरकार की तरफ से गाइडलानइ जारी की गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बढ़ाए गए लॉकडाउन के लिए नई गाइडलाइन को जारी किया है। नई गाइडलाइन के अनुसार परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से बंद रहेगी। यानी बस, ट्रेन, मेट्रो, हवाई सफर सब कुछ बंद रहेगा। इसके साथ ही सभी राज्यों के बॉर्डर भी सील रहेंगे। सरकार ने अब बाहर निकलते समय मुंह को ढ़कना अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही थूकने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।

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केवल खेती किसानी की छूट

गाइडलाइन के अनुसार स्कूल, कॉलेज और सभी शैक्षणिक संस्थानों को भी बंद रखा जाएगा। हालांकि खेती, किसानी से जुड़े कामों को लेकर छूट दी गई है। सरकार ने किसानों की समस्या को समझते हुए खेती किसानी से जुड़े कामों को जारी रखने के निर्देश दिये हैं। फसल काटने से लेकर किसान मजदूरों के लिए उनके काम से संबंधित सभी दुकाने खोले रखने की भी छूट दी गई है। कीटनाशकों का उत्पादन चालू रहेगा। इसके साथ ही खाद और बीज की दुकानें भी खुली रहेंगी। वहीं खेती से जुड़े उपकरण और स्पेयर पार्ट्स की दुकानों को खोलने की भी छूट दी गई है।

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नहीं हो सकेंगे शादी समारोह

सरकार की तरफ से जारी गाइड लाइन के अनुसार धार्मिक संस्थानों को भी बंद रखा जाएगा। इसके साथ ही किसी भी प्रकार के शादी समारोह करने पर भी रोक लगाई गई है। वहीं जिम के साथ-साथ किसी भी खेल आयोजन और राजनीति से जुड़े किसी भी कार्यक्रम पर रोक लगाई गई है।

सरकार की ओर से किसानों को लॉकडाउन में दी जाने वाली छूट

(1) कृषि उपज की खरीद और न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित कराने में लगी एजेंसियों को छूट मिल गई है।
(2) कृषि उत्पाद बाजार समिति द्वारा संचालित मंडियों को छूट देने का ऐलान हुआ है। दिशानिर्देश कहते हैं कि एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) संचालन सहित कृषि उत्पादों की खरीद में लगी सभी एजेंसियों को कार्य करने की अनुमति दी जाएगी।
(3) किसानों और कृषि मज़दूरों को खेतों में काम करने की भी छूट मिली है। इसके अलावा, कृषि उपज बाजार समिति द्वारा संचालित मंडियों या राज्य / केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा अधिसूचित (मंडियों) को संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। दिशानिर्देश राज्य / केंद्रशासित प्रदेश सरकार या उद्योग द्वारा सीधे किसानों / किसानों के समूह से सीधे बेचने की अनुमति देता है। राज्य / केंद्रशासित प्रदेश ग्रामीण स्तर पर विकेन्द्रीकृत विपणन और खरीद को बढ़ावा दे सकते हैं।
(4) खेती-किसानी के काम आने वाली मशीनों को छोटे और सीमांत किसानों को मुहैया कराने वाले कस्टम हायरिंग सेंटर।
(5) उर्वरकों, कीट नाशकों और बीजों के उत्पादन और पैकेजिंग यूनिट्स को छूट मिली है। कृषि मशीनरी की दुकानें, इसके स्पेयर पार्ट्स (आपूर्ति श्रृंखला सहित) और मरम्म की दुकानें खुली रहेगी। उर्वरकों, कीटनाशकों और बीजों के विनिर्माण, वितरण और खुदरा क्षेत्र को भी खुले रहने की अनुमति दी गई है।
(6) बुआई और कटाई के काम आने वाली मशीनों को एक जगह से दूसरी जगह पर लाना-ले जाने की छूट। पशु चिकित्सा अस्पतालओं को खोलने की भी छूट मिल गई है।
(7) नई गाइडलाइंस सिंचाई और खेती उपकरणों की कटाई और बुवाई से संबंधित मशीनों की आवाजाही (राज्य और राज्य के बाहर) ले जाने अनुमति मिली हैं।

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