सैलरी और जीएसटी को लेकर आईटी विभाग ने कर्मचारियों के संदेह को अपने बयान के माध्‍यम से दूर कर दिया है। मीडिया में खबर आ रही थी कि आईटी विभाग कंपनी के सीईओ स्‍तर के अफसरों की सैलरी पर जीएसटी लगाने का विचार कर रहा है। सीबीआईसी ने साफ किया है कि सैलरी जीएसटी के दायरे में नहीं आती है यह आयकर से जुड़ा मामला है इसलिए यह गलत खबर है।

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आपको बता दें कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आईटी विभाग सीईओ की सैलरी पर 18% GST लगाने का विचार कर रहा है। विभाग ने इस बाबत में कुछ कंपनियों से संपर्क भी किया है और उनके अफसरों के पे-पैकेज को लेकर पड़ताल की है।

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तो वहीं दूसरी ओर, सरकार ने संगठित क्षेत्र के कामगारों के हितों की सुरक्षा के लिए, एक राष्ट्र, एक वेतन दिवस लागू करने पर विचार कर रही है। यानि पूरे देश में सभी कर्मचारियों को एक ही दिन सैलरी मिले।

इस पर श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि देशभर में हर महीने सभी लोगों को एक ही दिन वेतन मिलना चाहिए, ताकि लोगों को समय से वेतन का भुगतान संभव हो सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जल्द ही इस विधेयक के पास होने की उम्मीद है। इसी तरह हम विभिन्न क्षेत्रों में न्यूनतम वेतन (मिनिमम सैलरी) लागू करने पर भी विचार कर रहे हैं, ताकि श्रमिकों का आजीविका स्तर बेहतर हो सके।

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बता दें कि गंगवार ने कहा कि 2014 से वह श्रम मंत्रालय का कामकाज देख रहे हैं और श्रम कानूनों के सुधार की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। हमने 44 प्रमुख श्रम कानूनों को सरल बनाने की दिशा में काम किया है। हम इस मामले से जुड़े सभी पक्षकारों के साथ अधिक प्रभावशाली और उपयोगी कानून बनाने को लकर बातचीत कर रहे हैं।