GST On Insurance: भारत सीनियर सिटीजन के लिए टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के टैक्सेशन में बड़े बदलाव के कगार पर है। GST काउंसिल दोनों कैटेगरी को गूड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) से छूट देने पर विचार कर रही है। अगर इसे मंजूरी मिल जाती है, तो इस कदम से पॉलिसीहोल्डर्स को काफी बचत हो सकती है और बीमा अपनाने में तेजी आ सकती है, खासकर बुजुर्गों और मध्यम आय वर्ग के बीच।

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अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस के लिए GST में भारी कटौती करने पर विचार कर रही है, जो फिलहाल 18% से घटकर 5% या जीरो हो जाएगी।

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क्या GST फ्री हो जाएगा टर्म लाइफ और सीनियर हेल्थ पॉलिसी?

मौजूदा समय में, टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम और सभी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों पर 18% जीएसटी लगता है। हालाँंकि, मंत्रियों के एक पैनल ने इन पर पूरी तरीके से छूट का प्रस्ताव दिया है।

पैनल ने क्या दिया प्रस्ताव?

  • सभी पॉलिसीहोल्डर्स के लिए टर्म जीवन बीमा प्रीमियम, चाहे उनकी आयु कुछ भी हो
  • वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक) के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम, जिसमें बीमा राशि की कोई ऊपरी सीमा नहीं है।
  • इसके अलावा 5 लाख रुपये तक के कवरेज वाली अन्य लोगों की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां भी जीएसटी छूट के लिए एलिजिबिल हो सकती हैं। इस योजना पर अगली GST काउंसिल की बैठक में चर्चा होने की उम्मीद है।

GST फ्री होने से कितने की होगी बचत?

उदाहरण के लिए, हेल्थ इंश्योरेंस के लिए सालाना 50,000 रुपये का पेमेंट करने वाले एक वरिष्ठ नागरिक को फिलहाल में जीएसटी के लिए अलग से 9,000 रुपये का पेमेंट करना पड़ता है। इस टैक्स को हटाने से लागत में कमी आएगी, जिससे बीमा अधिक किफायती हो जाएगा।

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इससे सरकार को कितना होगा घाटा?

सरकार को अनुमानित सलाना रेवेन्यू घाटा लगभग 2,600 करोड़ रुपये है - जिसमें स्वास्थ्य बीमा से 2,400 करोड़ रुपये और टर्म लाइफ इंश्योरेंस से 200 करोड़ रुपये शामिल हैं। परिषद अन्य जीएसटी स्लैब में समायोजन के माध्यम से इसे संतुलित कर सकती है।