नई दिल्ली, जुलाई 6। वित्त मंत्रालय की तरफ से जून महीने के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। जून 2021 के लिए जीएसटी कलेक्शन गिर कर 92,849 करोड़ रुपये रह गया है। बीते नौ महीनों में यह पहली बार है जब मासिक जीएसटी संग्रह 1 लाख करोड़ रुपये से रहा हो। आखिरी बार ऐसा सितंबर 2020 में हुआ था, जब जीएसटी संग्रह 95,480 करोड़ रुपये था। जून से पिछले 8 महीनों में जीएसटी कलेक्शन लगातार 1 लाख करोड़ रु से अधिक रहा था।
लॉकडाउन से पड़ा असर
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि जून 2021 के लिए जीएसटी संग्रह मई 2021 के दौरान किए गए बिजनेस लेनदेन से संबंधित है। जबकि मई के दौरान अधिकांश राज्य / केंद्र शासित प्रदेशों कोरोना के कारण पूर्ण या आंशिक रूप से लॉकडाउन लगा हुआ था। इससे पहले इसी साल मई में जीएसटी कलेक्शन 1.02 लाख करोड़ रुपया रहा था। वहीं अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन 1.41 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया था, जो जीएसटी सिस्टम शुरू होने के बाद किसी भी महीने में सर्वाधिक है।
पिछले साल की तुलना में बढ़ोतरी
भले ही 8 महीनों बाद जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रु से कम रहा, मगर पिछले साल जून की तुलना में यह 2 फीसदी अधिक रहा है। सरकार ने रेगुलर निपटान के रूप में आईजीएसटी से सीजीएसटी को 19286 करोड़ रुपये और एसजीएसटी को 16939 करोड़ रुपये का निपटान किया गया। जून में केंद्रीय जीएसटी की मद में 16,424 करोड़ रुपये, स्टेट जीएसटी की मद में 20,397 करोड़ रुपये, इंटीग्रेटेड जीएसटी की मद में 49,079 करोड़ रुपये (माल के आयात पर एकत्र 25,762 करोड़ रुपये सहित) और सेस के रूप में 6,949 करोड़ रुपये आए।
ई-वे बिलों में हो रही बढ़ोतरी
मंत्रालय की तरफ से बयान में कहा गया है कि औसतन ई-वे बिल अधिक जनरेट हो रहे हैं और ये 20 जून से फिर से 20 लाख तक पहुंच गए हैं। जीएसटी राजस्व में गिरावट आई है, लेकिन मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि जुलाई 2021 से इसमें फिर से वृद्धि होगी।
More Articles
- अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- Gandhar Oil Refinery के शेयर में लगा अपर सर्किट! मुनाफा और रेवेन्यू ने किया कमाल, अब क्या होगा?
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित