नई दिल्ली। चालू वित्तीय वर्ष में पहली बार अक्टूबर 2020 में जीएसटी का कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये पार निकल सकता है। कोरोना महामारी के चलते लागू हुए लॉकडाउन के कारण देश में शुरुआत में कारोबारी गतिविधियां पूरी तरह से ठप हो गई थीं। इसके चलते शुरुआती 7 माह में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये से कम रहा है। लेकिन अब अनुमान है कि अक्टूबर में पहली बार जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के पार निकल सकता है।
जीएसटी कलेक्शन को लेकर मिले आंकड़ों के मुताबिक, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अब जीएसटी में बढ़ोतरी हो रही है। लॉकडाउन खुलने के बाद आर्थिक गतिविधियों में काफी तेजी आई है। कारोबारी गतिविधियां पूरी तरह से सामान्य हो रही है। एचटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने अनुमान जताया है कि फेस्टिवल सीजन के कारण घरेलू मांग में तेजी है, और जीएसटी कलेक्शन तेज से बढ़ रहा है।
अधिकारियों के अनुसार ज्यादा जीएसटी रिटर्न फाइल होने के चलते उम्मीद है कि अक्टूबर 2020 में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के पार निकल सकता है। जीएसटी की यह फाइलिंग करदाता जीएसटी फॉर्म नंबर 3 बी के माध्यम से करेंगे। पिछले महीने की रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारिख 20 अक्टूबर रखी गई है। इस समय जीएसटी कलेक्शन में उछाल आना केंद्र सरकार के लिए अच्छी खबर माना जाएगा, क्योंकि सरकार राज्यों की 2.35 लाख रुपये की जीएसटी भरपाई के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपये का लोन लेने जा रही है। केंद्र सरकार ने 16 राज्यों एवं दो केंद्र शासित प्रदेशों को जीएसटी क्षतिपूर्ति की पहली किस्त के रूप में कर्ज लेकर 6,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि केंद्र, राज्यों को जीएसटी में 1.1 लाख करोड़ रुपये की कमी की क्षतिपूर्ति के लिए बाजार से किस्तों में कर्ज उठाएगा।
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