नयी दिल्ली। फर्जी फर्मों, फ्लाई-बाय-नाइट ऑपरेटरों (ऐसा व्यवसायी जो सर्विस देने की क्वालिटी या ईमानदारी की परवाह किए बिना बहुत जल्दी पैसा कमाना चाहता है) और सर्कुलर ट्रेडिंग एंटिटीज पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकार ने अक्टूबर और नवंबर महीने में 1.63 लाख जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द किए हैं। राजस्व विभाग (डीओआर) ने कहा है कि इन संस्थाओं ने पिछले छह महीने से अधिक समय तक जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं किया था।

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100 से ज्यादा लोग गिरफ्तार
इस बीच जीएसटी के फर्जी चालानों की धोखाधड़ी के खिलाफ नवंबर के दूसरे सप्ताह में शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी अभियान के एक महीने के अंदर ही जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) और सीजीएसटी कमिश्नर ने अब तक 132 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार चार्टर्ड एकाउंटेंट और एक महिला शामिल हैं। साथ ही देश भर में पहचानी गई 4,586 से अधिक नकली जीएसटीआईएन संस्थाओं के खिलाफ 1,430 मामले भी दर्ज किए गए हैं।

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पहले जारी किया गया था नोटिस
डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार इन सभी जीएसटीआईएम संस्थाओं को, जिन्होंने अपने जीएसटीआर-3बी रिटर्न को छह महीने से अधिक समय तक दाखिल नहीं किया था, पहले उनका जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द करने का नोटिस जारी किया गया और फिर उनका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिए गए। 28,635 करदाताओं, जिन्होंने छह महीने से अधिक समय तक अपना जीएसटीआर-3बी रिटर्न दाखिल नहीं किया, की पहचान कर ली गई है और जीएसटी आयुक्तों को इन मामलों में अपनी ओर से रद्द करने का प्रोसेस शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

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चेन्नई में 19,586 रजिस्ट्रेशन रद्द
अहमदाबाद ज़ोन में कुल 11,048 जीएसटी पंजीकरण रद्द कर दिए गए और चेन्नई में 19,586 जीएसटी करदाताओं के रजिस्ट्रेशन रद्द हुए हैं। ये सारी कार्रवाई उनके खिलाफ की गई है, जो छह महीने से अधिक समय से रिटर्न दाखिल करने में विफल रहे हैं।