ग्रेटर नोएडा के किसानों के लिए बड़ी खबर है. सरकार जल्द ही किसानों को बड़ा तोहफा देने वाली है. इस बारे में मिली जानकारी के अनुसार ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी खेती के खरीद रेट को बढ़ाने पर विचार कर रही है. यह भी पता चला है कि सरकार ग्रेटर नोएडा में स्थित गांवों से इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट के लिए 600 हेक्टेयर जमीन खरीदने वाली है. ऐसे में यहां के किसानों को दुगना फायदा होने वाला है.
किसानों ने जताई नाराजगी
इस बारे में मिली जानकारी के अनुसार किसानों ने अपनी जमीन पुराने रेट यानी 4,125 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर के हिसाब से बेचने पर इनकार कर दिया था. किसानों का मानना है कि उनकी जमीन का मार्केट रेट इससे आधिक है.
अथॉरिटी ने लिया बड़ा फैसला
किसानों की नाराजगी देखते हुए ग्रेटर नोएडा अथॉरेटी ने खेतों का खरीद रेट बढ़ाने पर विचार कर रही है. ये कहा जा रहा है कि ग्रेटर नोएडा की अगली बोर्ड बैठक में खेतों के खरीद रेट की बढ़ोतरी दर पर चर्चा की जाएगी. लेकिन अभी तक इस बैठक की कोई ऑफिशल तारीख तय नहीं की गई है.
21 गांव में शुरू होंगे बड़े प्रोजेक्ट
यह पता चला है कि जून के समय अथॉरेटी द्वारा एक पब्लिक नोटिस जारी किया गया था. इस नोटिस में यह कहा गया था कि सरकार इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट के लिए इन 21 गांव मे लगभग 600 हैक्टेयर जमीन खरीदना चाहती है. यह बताया जा रहा है कि नोएडा में बने वाले इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण से निवेशकों की रुचि को बढ़ावा मिल सकता है. इसलिए यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बेहतर करने की जरूरत है.
खेती का पुराना खरीद रेट
किसानों और अधिकारियों के अनुसार मौजूदा समय में मार्केट में खेती का खरीद रेट 15,000-20,000 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर है. लेकिन अथॉरिटी किसानोें से उनकी जमीन 4,125 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर के रेट में खरीदना चाहता है.
More Articles
- दिल्ली मेट्रो अलर्ट: आज 18 स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले चेक करें ये जरूरी अपडेट
- अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Gandhar Oil Refinery के शेयर में लगा अपर सर्किट! मुनाफा और रेवेन्यू ने किया कमाल, अब क्या होगा?
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित