नयी दिल्ली। मध्य प्रदेश से किसानों के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर आई है। राज्य के किसानों को शून्य ब्याज दर पर लोन मिल सकेगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने को-ऑपरेटिव बैंकों को 800 करोड़ रु दिए हैं। ये पैसा शून्य दर पर राज्य को किसानों को बतौर लोन दिया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने कहा कि को-ऑपरेटिव मूवमेंट को बनाए रखना आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है। हमें इस मूवमेंट को आगे बढ़ाना होगा। चौहान ने हाल में संसद में पास हुए कृषि बिलों पर भी बात की।
राज्य के मुख्यमंत्री चौहान ने कहा क कुछ लोग यह कहकर कृषि बिलों को लेकर भ्रम पैदा कर रहे हैं कि वे किसान विरोधी हैं। यह सबसे बड़ा झूठ है। तीनों बिल किसानों की इनकम बढ़ाने का एक तरीका है। उन्होंने साफ किया कि कोई भी मंडी बंद नहीं होगी। सभी कृषि उत्पादन मंडियां खुली रहेंगी। उन्होंने ये भी बताया कि किसानों के लिए ऐसी कोई बाध्यता नहीं होगी कि वे अपनी फसल को कहां बेचना चाहते हैं। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) जारी रहने की भी बात कही। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने सोमवार को गेहूं के लिए एमएसपी 50 प्रति क्विंटल, चने के लिए 225 रु प्रति क्विंटल और मसूर के लिए 300 रु प्रति क्विंटल बढ़ाया है। इसके साथ-साथ सरसों और जौ के लिए भी एमएसपी बढ़ा है।
चौहान ने इससे पहले कहा था कि अब राज्य के किसानों को 10000 रु सालाना की मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कल्याण योजना के तहत किसानों को 4000 रु दिए जाएंगे। ये पैसा उन्हें 2 किस्तों में मिलेगा। वहीं पीएम किसान योजना के तहत 6000 रु की मदद मिलती रहेगी। आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में कई विधानसभा सीटें खाली हैं। इन सीटों पर इसी साल उपचुनाव हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इसी के मद्देनजर भाजपा सरकार की तरफ से राहत दी जा रही है। राज्य में सत्ता में बने रहने के लिए पार्टी को कम से कम 9 सीटें जीतना जरूरी है। इससे पहले मध्य प्रदेश सरकार ने प्रॉप्रटी पंजीकरण के लिए स्टाम्प ड्यूटी पर सेस को 3 प्रतिशत से घटा कर 1 फीसदी किया था।
चौहान ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की बात दोहराई। उन्होंने फिर से शून्य ब्याज दर पर लोन की योजना को शुरू करने, किसान सम्मान निधि और बीमा योजना का लाभ और खाद्यान्न उपार्जन कर 27000 करोड़ रु से ज्यादा की पेमेंट करने का भी जिक्र किया। किसानों को राहत पहुंचाने की बात करें तो गुजरात सरकार ने भी 3700 करोड़ रु के एक विशेष राहत पैकेज का ऐलान किया है। इस पैकेज से गुजरात के उन किसानों को राहत मिलेगी, जिनकी खरीफ की फसलों को मानसून के दौरान नुकसान हुआ है।
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