Government: भारत सरकार एक आवास लोन ब्याज सब्सिडी योजना पर विचार कर रही है। इसको देश में घर खरीदने वालों के लिए एक अच्छी खबर के रूप में देखा जा रहा है, इससे शहरी क्षेत्रों में ऐसे कम आय वाले करीब 25 लाख लोगों को फायदा हो सकता है। जो घर खरीदना चाहते है।

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एक रिपोर्ट में दो सरकारी स्रोतों की तरफ से कहा गया है कि आगामी 5 सालों में भारत सरकार छोटे शहरी आवास के लिए सब्सिडी वाले ऋण प्रदान करने के लिए 600 अरब रु खर्च करने पर विचार कर रही है।

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अधिकारियों के मुताबिक, सब्सिडी वाले लोन की मात्रा ऐसे घरों की डिमांड पर निर्भर करेगी। रिपोर्ट के अनुसार, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में इस योजना की घोषणा की थी लेकिन पहले इसका विवरण नहीं बताया गया था।

यह योजना 9 लाख रु तक की लोन राशि पर 3 फीसदी से 6.5 फीसदी के बीच सालाना ब्याज सब्सिडी की पेशकश करेगी। 20 साल की अवधि के लिए 50 लाख रु से कम का होम लोन को इस स्कीम के दायरे में लाने का प्रस्ताव है। एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी गई।

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इस रिपोर्ट में कहा गया है कि उम्मीद है कि इस वर्ष के आखिरी में राज्य चुनावों और 2024 के मध्य होने वाले आम चुनावों से पहले बैंक इस योजना को कुछ महीनों में लागू कर देंगे। केन्द्र सरकार ने पिछले महीने चुनावों से पहले मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए घरेलू रसोई गैस की कीमतों में करीब 18 फीसदी की कटौती की थी।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दो बैंक अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि अभी तक ऋणदाताओं को कोई विशिष्ट ऋण लक्ष्य नहीं दिया गया है, लेकिन जल्द ही सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक होने की उम्मीद है।

उनके अनुसार, बैंकों ने लाभार्थियों की पहचान करना शुरू कर दी है। यह भी माना जाता है कि इस कदम से होम लोन पोर्टफोलियो के भीतर किफायती आवास खंड में ऋण बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।

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