PM Kisan Yojana: केंद्र सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर है क्योंकि उसने प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या को 67 प्रतिशत तक काम कर दिया है। हालांकि, केंद्र सरकार ने विपक्ष के इस दावे को खारिज कर दिया है और राज्यसभा में कहा है कि यह प्रयास सभी पात्र किसानों को इस दायरे में लाना है। गौर तलब है कि कुछ लोग फर्जी तरीके से भी इस योजना का लाभ उठा रहे थे और जिन्हें इसकी जरूरत थी उसे इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था, इसी बात के चलते केंद्र सरकार को यह कदम उठाना पड़ा है।

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इस मुद्दे किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान इन सवालों के जवाब में इस बात की पुष्टी की है।

राज्यसभा में दिए गए बयान में कैलाश चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या 8.01 करोड़ है। चौधरी ने बताया कि एक समय लाभार्थियों की संख्या 11 करोड़ पहुंच गई थी और अभी यह संख्या 8.12 करोड़ की है। गौरतलब है कि कांग्रेस की एक नेता द्वारा पीएम किसान सम्मान योजना में लाभार्थियों की संख्या में आई कमी के बारे में पूछा गया था।

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चौधरी के अनुसार शुरू में राज्य सरकारों के मुताबिक भेजे गए सभी व्यक्तियों को इस लाभ के अंतर्गत लाया गया था और योजना के तहत राशि जारी की गई थी। लेकिन इस क्रम में जो किसान पत्र नहीं थे उन्हें भी पैसा मिल रहा था। जो किसान पत्र नहीं थे उन्हें फालतू में पैसा देने से रोकने के लिए ही सरकार द्वारा पीएम किसान योजना के तहत आने वाले किसने की संख्या को कम किया गया है।

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इसके बाद इस योजना को आधार कार्ड से लिंक किया गया और उसमें भी कुछ किसानों के नाम कम हो गए। गौरतलब है कि इस योजना को ईकेवाईसी से जोड़ने के बाद किसनों की संख्या में और कमी आई और सिर्फ पत्र किस ही इस सूची में बचे रह गए हैं। कैलाश चौधरी के अनुसार अभी भी केंद्र सरकार राज्यों के संपर्क में है ताकि जो भी पात्र किस इस योजना से वंचित रह गए हैं, उन्हें इसका पूरा लाभ मिल सके।

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आपको बताते चले कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को हर साल 6000 रुपये की मदद प्रदान की जाती है। यह राशि 2000 करके तीन किश्तों में किसानों को मिलती है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई इस किसान सम्मन निधि योजना का लाभ उठाने के लिए ई केवाईसी करवाना बहुत जरूरी है।

गौरललब है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि योजना का लाभ उठाने के लिए पत्र किस को अपनी ई केवाईसी करना बहुत जरूरी है।अगर पत्र किसान अपनी एक केवाईसी नहीं करवाता है तो वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना निधि का लाभ नहीं ले सकता है।

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इस योजना से किसानों को काफी लाभ मिलता है। आपको बताते चलें कि भारत सरकार ऐसी कई योजनाओं को वित्त पोषित कर रही है जिससे किसानों को लाभ मिल सके और उनकी स्थिति पहले से ज्यादा बेहतर हो सके। हालांकि इस योजना का लाभ कई ऐसे लोग उठा रहे हैं जो इसके हकदार नहीं है, इसी वजह से प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना निधि के अंतर्गत आने वाले किसनों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।