UPI Rule changes: भारत में करोड़ों लोग जिन फ्री UPI सर्विस का रोज़ इस्तेमाल करते हैं, अब उन्हें बड़े लेनदेन के लिए जेब ढीली करनी पड़ सकती है। सरकार जल्द ही यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, 3000 रुपए से अधिक के ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate (MDR) दोबारा लागू किया जा सकता है।
क्या है प्रस्ताव?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने बड़े मर्चेंट्स के लिए UPI ट्रांजेक्शन पर 0.3% MDR लगाने का सुझाव दिया है। अभी तक यह दर शून्य थी। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो 3000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
छोटे ट्रांजैक्शन रहेंगे फ्री
सरकार का इरादा केवल बड़े ट्रांजेक्शन पर MDR लागू करने का है। 3000 रुपए तक के लेनदेन पहले की तरह मुफ्त रहेंगे ताकि आम कंज्यूमर पर सीधा असर न पड़े। इससे छोटे दुकानदारों और ग्राहकों को राहत मिलती रहेगी।
MDR क्या होता है?
MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह चार्ज है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर व्यापारी अपने बैंक या पेमेंट प्रोवाइडर को देता है। मौजूदा समय में डेबिट व क्रेडिट कार्ड पर यह 0.9% से 2% तक होता है। लेकिन UPI पर यह दर शून्य है, जिससे बैंकों और पेमेंट सर्विस कंपनियों को घाटा उठाना पड़ रहा है।
सरकार यह बदलाव क्यों ला रही है?
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय बैंकों और फिनटेक कंपनियों के बढ़ते खर्च को देखते हुए लिया जा रहा है। UPI के ज़रिए हर महीने करोड़ों ट्रांजेक्शन हो रहे हैं, और साल 2020 से अब तक इसमें करीब 60 लाख करोड़ रुपए का लेनदेन हो चुका है। लेकिन इस पर कोई चार्ज न होने की वजह से बैंकों को रिवेन्यू नहीं मिल रहा, जिससे तकनीकी ढांचे में निवेश करना मुश्किल हो रहा है।
बैठकों का दौर जारी
हाल ही में प्रधानमंत्री कार्यालय आर्थिक मामलों के विभाग और वित्तीय सेवा विभाग के साथ एक हाई बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई है। आने वाले 1-2 महीनों में इसका अंतिम फैसला हो सकता है।
ग्राहकों और व्यापारियों पर असर
हालांकि चार्ज सीधे व्यापारियों से लिया जाएगा, लेकिन यह लागत वे ग्राहकों पर डाल सकते हैं। यानी अगर यह नियम लागू होता है, तो बड़े ट्रांजेक्शन करने वाले ग्राहकों को सामान या सेवा के लिए ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।
RuPay कार्ड को मिलेगी छूट
फिलहाल RuPay कार्ड को इस प्रस्तावित शुल्क से बाहर रखा गया है। यानी इस कार्ड से किए गए ट्रांजेक्शन पर अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। अगर आप बड़े लेनदेन के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। आने वाले समय में UPI के जरिए 3000 रुपए से ज्यादा का भुगतान करना मुफ्त नहीं रहेगा। सरकार का टारगेट डिजिटल पेमेंट सिस्टम को मजबूत करना और पेमेंट कंपनियों को आर्थिक सहारा देना है, लेकिन इसका सीधा असर आपके खर्च पर पड़ सकता है।
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