नई दिल्ली, मई 23। यदि आप ई-साइकिल खरीदने की सोच रहे हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल राज्य सरकार अगले सप्ताह ई-साइकिल खरीदने पर सब्सिडी का भुगतान करने के लिए निर्देश जारी कर सकती है। दिल्ली के निवासी ई-साइकिल पर 15,000 रु तक की सब्सिडी के एलिजिबल हो सकते हैं। सरकार ने शहर के इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट को विकसित करने और प्रदूषण से निपटने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत अप्रैल के दूसरे हफ्ते में राजधानी में ई-साइकिल के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए एक रणनीति का खुलासा किया था। ध्यान रहे कि दिल्ली सरकार की स्कीम के तहत केवल दिल्ली में रहने वाले ही सब्सिडी के पात्र होंगे।
सरकार ने पिछले महीने ई-बाइक के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी की घोषणा की, लेकिन योग्य लोगों को अभी सब्सिडी देने की प्रोसेस शुरू नहीं की गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि ई-साइकिल खरीद पर सब्सिडी के भुगतान के लिए दिशानिर्देशों की घोषणा अगले सप्ताह की जाएगी।
दिल्ली में पहले 10,000 इलेक्ट्रिक साइकिल खरीदारों को 25 फीसदी छूट (5,500 रु तक) मिलेगी, जिसमें पहले 1,000 को अतिरिक्त 2,000 रु की छूट मिलेगी। एक अधिकारी के अनुसार, दिल्ली सरकार शहर के खाद्य वितरण और ई-कॉमर्स व्यवसायों की मदद के लिए ई-कार्गो बाइक के पहले 5,000 खरीदारों को प्रति वाहन 15,000 रुपये तक की खरीद प्रोत्साहन राशि की पेशकश करेगी।
पैसेंजर और कार्गो ई-साइकिल दो सबसे आम प्रकार हैं। चार्जेबल बैटरी इन्हें पावर देती है, और बैटरी से चलने वाली पेडलिंग उपलब्ध होती है। ई-कॉमर्स एक्जेक्यूटिव कार्गो बाइक का उपयोग भोजन और अन्य चीजों को ले जाने के लिए कर सकते हैं, जबकि यात्री साइकिल का उपयोग फिटनेस और आउटिंग के लिए किया जा सकता है।
पैसेंजर ई-बाइक की शुरुआती कीमत 25,000 रु और 28,000 रु के बीच होती है, जबकि कार्गो साइकिल की कीमत 42,000 रु और 48,000 रु के बीच होती है। पैसेंजर ई-बाइक एक बार चार्ज करने पर 25-39 किलोमीटर तक जा सकती है, जबकि कार्गो साइकिल 40-45 किलोमीटर की यात्रा कर सकती है। सेल फोन के लिए उपयोग किए जाने वाले चार्जिंग किट के समान ई-साइकिलों को घर पर चार्ज किया जा सकता है।
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी के अनुसार कोविड के समय में बड़े शहरों में ई-साइकिलों ने बहुत लोकप्रियता हासिल की, क्योंकि कई लोगों ने उनका उपयोग मनोरंजन के लिए या रेगुलर ट्रांसपोर्ट के लिए भी किया। डायलॉग एंड डेवलपमेंट कमीशन (डीडीसी) की वाइस चेयरपर्सन और राज्य सरकार के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप की चेयरपर्सन जैस्मीन शाह के मुताबिक वर्तमान में आबादी का एक छोटा हिस्सा ही ई-साइकिल का इस्तेमाल करता है। हालांकि, सरकार उन्हें मुख्य धारा में लाना चाहती है, खासकर डिलीवरी से जुड़े लोगों के लिए। सरकार चार्जिंग स्टेशन लगाने पर भी ध्यान दे रही है। पिछले साल दिसंबर से, दिल्ली ने लगभग 500 चार्जिंग स्पॉट जोड़े हैं, जो कुल मिलाकर 825 हो गए हैं, जो देश में सबसे अधिक है। ई-बाइक शहरों में सही नीति और सपोर्ट के साथ परिवहन प्रोफ़ाइल को बदल सकती है।
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