नई दिल्ली: आम बजट पेश होने से पहले एक और बड़ी खुशखबरी मिली है। जनवरी में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स यानी जीएसटी कलेक्शन 1.10 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया है। इससे पहले वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी कलेक्शन में 2020-21 में 8.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2020 में यह 1.10 लाख करोड़ रुपये हो गया है। अर्थव्यवस्था के मौजूदा हालात को देखते हुए यह सरकार के लिए राहत की खबर हो सकती है। बजट वाले दिन गैस सिलेंडर हुआ महंगा, जानें नई कीमत ये भी पढ़ें
बता दें इससे पहले अनुमान लगाए गए थे कि जनवरी में जीएसटी कलेक्शन 1.15 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड तोड़ सकता है। मिली जानकारी के मुताबिक पिछले साल की समान अवधि की तुलना में चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीनों में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह में केवल 11,000 करोड़ रुपये की कमी हो सकती है। मुख्य रूप से कुशल कर प्रशासन के कारण प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर संग्रह अर्थव्यवस्था में मंदी के बावजूद पटरी पर हैं। इन नंबरों के समग्र प्रभाव को देखना होगा। वित्त मंत्रालय ने 2019-2020 में शुद्ध कर राजस्व में 25.5 लाख करोड़ रुपये में 25% की वृद्धि का बजट पेश किया था। यह वर्ष के पहले आठ महीनों में आधे से भी कम एकत्र करने में कामयाब रहा।
वहीं चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 4.5% बढ़ा, जो मार्च 2013 के बाद सबसे कम है। सरकार के पहले उन्नत अनुमानों के अनुसार, भारत की जीडीपी 2019-20 में 5% बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार ने तेज की हैं कोशिशें
सरकार ने जीएसटी कलेक्शन को बढ़ाने के लिए कोशिशें तेज की हैं। टैक्स चोरी के खिलाफ अभियान भी चलाया जा रहा है। जो लोग फर्जी बिल के इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठा रहे हैं, उनके खिलाफ जांच में तेजी लाई जा रही है। नए आइडिया देने, जीएसटी सिस्टम को और मजबूत करने के लिए एक कमिटी बनाई गई है।
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