Ban on Chinese Apps : केंद्र सरकार ने एक बार फिर से चाइनीज ऐप पर सख्त कार्रवाई की है। इस बार सरकार की तरफ से चाइनीज लोन के खिलाफ कार्रवाई का ऐलान किया गया है। सरकार ने रविवार को बताया कि सरकार ने "अर्जेंट" और "इमरजेंसी" आधार पर चीनी लिंक वाले 138 सट्टेबाजी (बेटिंग) ऐप्स और 94 लोन देने वाली ऐप्स पर बैन लगाने की प्रोसेस शुरू कर दी है। आगे जानिए इस कार्रवाई की पूरी डिटेल।
एक रिपोर्ट के अनुसार इन ऐप्स की 'इमरजेंसी ब्लॉकिंग' कार्रवाई गृह मंत्रालय की सिफारिश पर शुरू की गई है। दो मंत्रालयों (इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) और गृह मंत्रालय) के बीच एक आधिकारिक कम्युनिकेशन के अनुसार इन ऐप पर आईटी अधिनियम की धारा 69 के तहत कार्रवाई हुई है। कहा गया है कि इनमें ऐसा कंटेंट शामिल है जो भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए हानिकारक है।
क्यों किया जा रहा बैन
सरकार का ये कदम लोन देने वाली ऐप्स पर एक बड़ी कार्रवाई के तौर सामने आया है। असल में मामला कुछ संस्थाओं और व्यक्तियों द्वारा चलाए जा रहे मोबाइल ऐप के माध्यम से लोगों से जबरन वसूली और उत्पीड़न का है, जिन्होंने भले ही कम लोन लिया हो, पर फिर भी उन्हें काफी परेशान किया जा रहा था। कहा जा रहा है कि इनमें से लगभग सभी ऐप चीनी लोगों ने तैयार कीं और फिर उनके लिए भारतीयों को काम पर रखा। भारतीयों को ही ऐप चलाने की जिम्मेदारी दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि हताश लोगों को लोन लेने के लिए लुभाने के बाद, उनसे सालाना 3,000 प्रतिशत तक ब्याज लिया जा रहा था।
पूरे कर्ज की तो दूर अगर जब कर्जदार ब्याज चुकाने में ही असमर्थ हो जाते तो इन ऐप्स को रेप्रेजेंट करने वाले लोग कर्ज में डूबे लोगों को परेशान करते। उन्हें भद्दे मैसेज भेजे जाते, उनकी बदली गयी तस्वीरों को जारी करने की धमकी दी जाती और उनके कॉन्टैक्ट्स को उन तस्वीरों को भेजकर उन्हें शर्मसार करने का काम का किया जा रहा था।
ये सारा मामला आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में उन लोगों की आत्महत्याओं के बाद सुर्खियों में आया, जिन्होंने इस तरह के ऐप से लोन लिया था या सट्टेबाजी करने वाले ऐप्स में पैसे गंवाए थे। ये ऐप, जो अक्सर लोगों को बड़े पैमाने पर कर्ज में फंसाने के लिए कई तरीके अपनाते हैं, का जासूसी और प्रचार के लिए उपकरण के रूप में भी दुरुपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा भारतीय नागरिकों के डेटा के लिए भी सुरक्षा का जोखिम है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब से करीब 6 महीने पहले गृह मंत्रालय ने 28 लोन देने वाली चीनी ऐप की जांच शुरू की थी। मगर जांच में पता चला कि ऐसी तो 94 ऐप ई-स्टोर्स पर मौजूद हैं। ये ऐप दूसरे थर्ड-पार्टी लिंक के जरिए काम कर रही थीं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने ऑनलाइन विज्ञापन इंटरमीडिएटर्स को भारतीयों को लक्षित कर ऐसे विज्ञापन नहीं दिखाने को कहा है।
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