नई दिल्ली: अगर आप किसान है और आप महाराष्ट्र में रहते है तो आपके लिए अच्छी खबर है। दरअसल महाराष्ट्र सरकार ने अपने यहां के किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। जी हां अब समय पर पैसा लौटाने वाले किसानों की बल्ले-बल्ले है। जो किसान समय पर पैसा लौटाएंगे उन्हें 3 लाख रुपये तक का लोन बिना ब्याज के मिलेगा। ब्याज की रकम सरकार वहन करेगी। इस बात की जानकारी बजट के दौरान वित्त मंत्री अजीत पवार ने दी है। इसी के साथ खेती-किसानी पर फोकस करने वाले हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार ने भी अपने-अपने बजट में जीरो परसेंट ब्याज पर कृषि कर्ज देने की घोषणा की है। ताकि सरकार किसानों का बोझ कम कर सके।
जानकारी के लिए बता दें कि सरकार खेती-किसानी के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए लोन देती है। जिसके तहत 3 लाख रुपये तक की लोन की रकम समय पर बैंक को लौटाने वाले किसानों को 4 फीसदी की दर से सालाना ब्याज चुकाना होता है। लेकिन अब महाराष्ट्र में इन ब्याज का भुगतान राज्य सरकार करेगी। अजीत पवार ने बताया कि फसल ऋण माफी योजना के तहत 31 लाख किसानों को 19 हजार करोड़ रुपये मिले हैं। अगले चार वर्षों में एपीएमसी यानी मंडियों को मजबूत करने के लिए 2000 करोड़ रुपये का आवंटन करने का एलान किया गया है।
इन सब के बीच जरूरी बात ये है कि अगर आपका सिविल स्कोर अच्छा है तो आपको खेती के लिए ब्याज मुक्त कर्ज भी मिल सकता है। अब 4 राज्यों में ऐसी सुविधा हो गई है। महाराष्ट्र के अलावा मध्य प्रदेश सरकार ने जीरो फीसदी ब्याज वाली योजना के तहत पिछले एक साल में 24 लाख किसानों को 14 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन दिया है। दूसरी तरफ राजस्थान सरकार ने पिछले सप्ताह पेश किए गए बजट में एलान किया है कि वो 6,000 करोड़ रुपये का फसली ऋण वितरित करेगी। इस लोन पर किसी तरह का कोई ब्याज नहीं वसूला जाएगा।
ईमानदारी से सरकारी पैसा समय पर वापस करने वाले किसानों को इससे काफी फायदा मिलेगा। मध्य प्रदेश सरकार ने प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के जरिए किसानों को जीरो फीसदी ब्याज पर कम समय के लिए कृषि लोन देने की योजना को एक साल के लिए आगे बढ़ा दिया है। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और 2022 तक उनकी आय दोगुनी करने के लिए तीनों राज्यों का यह बड़ा दांव है। हालांकि, देश के ज्यादातर सूबों में कृषि कर्ज पर ब्याज 4 फीसदी से कम नहीं है।
हरियाणा में भी कृषि मंत्री ने घोषणा की है कि 7 फीसदी ब्याज दर के फसली ऋण में 3 प्रतिशत केंद्र सरकार तथा 4 फीसदी राज्य सरकार वहन करेगी। यानी अब सरकार तीन लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। ताकि किसान ब्याज के बोझ तले न दबें। कृषि मंत्री के मुताबिक बैंकों द्वारा आमतौर पर फसल ऋण पर ब्याज दर 7 प्रतिशत लिए जाने के बावजूद अन्नदाता को सरकार इसे जीरो प्रतिशत पर उपलब्ध करवाएगी।
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