नयी दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी भरने की प्रक्रिया को सरल और आसान बनाने पर सुझाव मांगे हैं। निर्मला सीतारमण ने ट्वीट करके कहा है कि आज 7 दिसंबर है, सभी जीएसटी ऑफिस टैक्स भरने प्रक्रिया को सरल / आसान बनाने पर सुझाव लेने के लिए तैयार होंगे। सुझाव देने के इच्छुक लोग करीबी जीएसटी कार्यालय में सपंर्क कर सकते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय जीएसटी और राज्य जीएसटी अधिकारियों ने 1 अप्रैल 2020 से पेश किए जाने वाले नए जीएसटी रिटर्न के लिए ऑन-द-स्पॉट प्रतिक्रिया हासिल करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सुझाव मांगे हैं। अधिकारियों का ध्यान नए रिटर्न के अनुपालन और अपलोडिंग में आसानी पर होगा ताकि रिटर्न के कानूनी रूप से जरूरी होने पर व्यापारियों को किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े। तो अगर आपको भी जीएसटी भरने में किसी तरह की दिक्कत का सामना करना पड़ता है तो तुरंत जीएसटी ऑफिस जायें और अपना सुझाव दें।

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जीएसटी ऑफिस में है फीडबैक दिवस
सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स देश भर के सारे जीएसटी दफ्तरों में फीडबैक दिवस मना रहा है, जहाँ अधिकारी आपसे मिलेंगे और आपके सुझाव लेंगे। फीडबैक सत्र होंगे, जिनमें वाणिज्य और उद्योग के सभी प्रमुख मौजूद रहेंगे। जीएसटी सिस्टम लागू होने के बाद यह पहला मौका है जब करदाताओं से इतने बड़े पैमाने पर सलाह ली जा रही है। 16 नवंबर को निर्मला सीतारमण ने विभिन्न जीएसटी रिटर्न खास कर नए रिटर्न के लिए फर्स्ट हैंड प्रतिक्रिया का आकलन करने के लिए कुछ जीएसटी करदाता, चार्टर्ड अकाउंटेंट और टैक्स प्रेक्टीशनर्स को आमंत्रित किया था। अब टैक्स अधिकारी नए रिटर्न को परखने के लिए करदाताओं की सहायता करेंगे।

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बढ़ सकती हैं जीएसटी दरें
इस बीच आपको बता दें कि सरकार जीएसटी टैक्स रेट बढ़ाने की तैयारी में है। 18 दिसंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक होने जा रही है, जिसमें टैक्स रेट, सेस रेट की समीक्षा और छूट वाली वस्तुओं को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार किया जायेगा। सरकार का उद्देश्य अपनी आमदनी में 1 लाख करोड़ रुपये का इजाफा करना है, जिसके लिए टैक्स रेट बढ़ाये जा सकते हैं। अर्थव्यवस्था में मौजूदा सुस्ती और निवेश में कमी के चलते सरकार जीएसटी कलेक्शन बढ़ाने पर काफी जोर दे रही है। सितंबर में जीएसटी कलेक्शन 19 महीनों के निचले स्तर पर फिसल गया था।

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