Google Suspends Indian Ad Accounts: गूगल ने एडवरटाइजर्स के एक बड़ा एक्शन लिया है। कंपनी ने Annual and Safety Report 2024 में इस बात की जानकारी दी है कि भारत में 2.9 मिलियन (29 लाख) एडवरटाइजर के अकाउंट को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके पीछे कुछ मुख्य वजह भी कंपनी ने बताई हैं।

Advertisement

इतने अरब एडवरटाइजमेंट को ब्लॉक किया गया (Google Ads policies)

कंपनी के द्वारा विज्ञापन पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले एडवाइजर्स के अकाउंट को बंद करने का फैसला लिया गया है। गूगल ने 2023 में ग्लोबल लेवल पर 5.5 अरब से ज्यादा एडवरटाइजमेंट को ब्लॉक या हटाया है।​

Advertisement

इन Ad अकाउंट पर लिया एक्शन (google action on ad accounts)

गूगल का कहना है कि एड से धोखाधड़ी, गलत जानकारी फैलाने वालों, गैंबलिंग, गेमिंग से जुड़े फ्रॉड्स और फेक एड करने वाले एड अकाउंट पर कंपनी ने ये कदम उठाया है। इसके अलावा फाइनेंशियल इश्यू से जुड़े एडवरटाइजमेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, ट्रेडमार्क पॉलिसी को फॉलो न करना और पर्सनलाइज्ड एडवरटाइजमेंट का गलत इस्तेमाल करने वालों पर भी एक्शन लिया जा रहा है।

Advertisement

AI की मदद से की इन एडवरटाइजमेंट की पहचान

गूगल ने 50 कानून को लार्ज लैंगवेज मॉडल 2024 में लॉन्च किया था। इसमें कॉम्पलेक्स इन्वेस्टिगेशन, फ्राग सिग्नल जैसे गलत पेमेंट की जानकारी से अकाउंट सेट अप करना आदि शामिल किया था। गूगल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कंपनी ने बदलते समय के साथ नए तरह के ऑनलाइन फ्रॉड से निपटने के लिए अपने सुरक्षा तकनीक को मजबूत किया है। खासतौर पर, उन्होंने एआई (AI) की मदद से बनाए गए गलत एडवरटाइजमेंट को रोकने के लिए कदम उठाए है।

Advertisement

एडवरटाइजमेंट नेटवर्क का मिसयूज करने वालों को गूगल ने हटाया

गूगल ने बताया कि उन्होंने 100 से ज्यादा एक्सपर्ट की एक टीम बनाई गई, जिसने इन धोखाधड़ी भरे एड के खिलाफ काउंटर मेशजर्स तैयार किए हैं। उन्होंने अपनी पॉलिसी को भी अपडेट किया ताकि ऐसे एडवरटाइजमेंट चलाने वाले अकाउंट्स को सस्पेंड किया जा सके। इसके तहत गूगल ने 7 लाख से ज्यादा एड अकाउंट्स को हमेशा के लिए बंद कर दिया। इसके साथ ही कंपनी ने 206.5 मिलियन एड को गलत जानकारी फैलाने के लिए और 273.4 मिलियन एडवरटाइजमेंट को फाइनेंस से जुड़ी पॉलिसी का उल्लंघन करने के लिए हटाया गया है।​

Advertisement

गूगल ने यह भी बताया कि उसने 1 अरब से अधिक एड को अपने एड नेटवर्क का मिसयूज करने की वजह से ब्लॉक या हटाया है, जिसमें मैलवेयर का एड भी शामिल है।​ कंपनी ने एडवटाइजर्स के अकाउंट की निगरानी के लिए जनरेटिव एआई तकनीक का उपयोग किया है, जिससे धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों की पहचान और उन्हें हटाने में मदद मिली है।​