नयी दिल्ली। अगर आप भी प्याज के बढ़े हुए दामों से परेशान हैं तो आपके लिए राहत की खबर है। क्योंकि आने वाले दो हफ्तों में प्याज की कीमतों में 50 फीसदी की गिरावट आ सकती है। दरअसल अगले दो हफ्तों में महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक से आवक में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिससे प्याज के दाम घटेंगे। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि "लाल प्याज" की मौसमी और पूर्व-मौसमी किस्मों की आपूर्ति में तेज वृद्धि की उम्मीद है। इससे देश के बाजारों में आपूर्ति बढ़ेगी। बता दें कि आपूर्ति में कमी की वजह से ही प्याज के दाम काफी बढ़ गये हैं। कुछ जगह प्याज की कीमतों ने 200 रुपये का आँकड़ा छू लिया है। कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने कई देशों से प्याज का आयात भी बढ़ा दिया है। हालाँकि पूरी तैयार होने से पहले ही बाजार में लायी गयी प्याज से कीमतें कम हुई हैं। देश के सबसे बड़े प्याज के थोक बाजार लासलगांव में 7 दिसंबर को 71 रुपये से घट कर 10 दिसंबर तक प्याज के दाम 41 रुपये तक गिर गये।
लासलगाँव की कृषि उपज मंडी समिति के चेयरमैन सुवर्णा जगताप के मुताबिक जनवरी तक प्याज के भाव 20-25 रुपये प्रति किलो तक घट जायेंगे। आवक में लगातार बढ़ोतरी से कीमतों में धीरे-धीरे गिरावट आएगी। वहीं अगले दो हफ्तों में जगताप के मुताबिक प्याज के दाम घट कर 30-35 रुपये प्रति किलोग्राम तक आ सकते हैं। प्याज की आवक की बात करें तो 8 दिसंबर को 421 टन के मुकाबले यह दो दिन बाद यानी 10 दिसंबर को 704 टन हो गयी। यह दर्शाता है कि प्याज की आवक बढ़नी शुरू हो गयी है। हालाँति भंडारित प्याज की आपूर्ति घटी है, क्योंकि बाढ़ ने गोदामों के अधिकांश स्टॉक को बर्बाद कर दिया।
2018 में इसी समय यानी दिसंबर के आस-पास लासलगाँव मंडी में रोजाना 2,500 टन प्याज आ रही थी, जो मौजूदा सप्लाई के मुकाबले काफी अधिक है। अत्यधिक बारिश और लंबे समय तक रहे मॉनसून ने लगभग 30 फीसदी फसल को नुकसान पहुंचाया, जिससे आपूर्ति कम हो गयी और दाम आसमानों से बातें करने लगे। लासलगाँव की कृषि उपज मंडी समिति के सेक्रेटरी नरेंद्र वाधवाने के मुताबिक इसका मतलब है इस साल (2020) प्याज की आवक सुस्त रहने की संभावना है। इस प्रकार प्याज की कीमतें उस स्तर तक नहीं गिरेंगी सकती हैं, जितने पर वे पिछले साल (2019) थी।
दिल्ली में प्याज मंडी एसोसिएशन अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा के अनुसार प्याज की 24,000 बोरियाँ आजादपुर मंडी आयी हैं। इनमें हर बोरी में 55 किलो प्याज है। इसी के चलते पिछले हफ्ते के मुकाबले दिल्ली में प्याज के दाम घटने दिख रहे हैं। शर्मा ने बताया कि घरेलू प्याज के साथ ही सोमवार को करीब 200 टन विदेशों से आयात की गयी प्याज भी मंडी में आयी है। बढ़ती कीमतों को देखते हुए भारत ने अफगानिस्तान और तुर्की से प्याज मंगायी थी।
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