नयी दिल्ली। जनवरी में भारत की मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियों में मजबूती आई है। कंपनियों ने तीन महीनों में सबसे तेजी के साथ प्रोडक्शन बढ़ाया है। इसके पीछे कुल सेल्स में तेज बढ़ोतरी और नये निर्यात ऑर्डर शामिल हैं। आईएचएस मार्किट इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) दिसंबर में 56.4 से बढ़ कर जनवरी में 57.7 हो गया। बता दें कि 50 से ऊपर रीडिंग विस्तार को दर्शाती है, जबकि इससे नीचे गिरावट का संकेत माना जाता है।

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पॉजिटिव स्तर पर है भारतीय मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई
आईएचएस मार्किट के इकोनॉमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर के अनुसार भारतीय मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई जनवरी में सकारात्मक स्तर पर है, जो व्यापार स्थिति में लगातार छठे महीने सुधार का संकेत दे रहा है। लगातार बिक्री वृद्धि से जनवरी में विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में और अधिक तेजी रही। उत्पादन में लगातार छठे महीने वृद्धि देखी गयी। ये पिछले साल अक्टूबर से सबसे तेज रही।

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नौकरियों में आई गिरावट
मांग में तेजी के बावजूद जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की नौकरियों में और कमी आई। काम पर रखने से परहेज करने वाली कंपनियों ने श्रमिकों की संख्या न्यूनतम रखने के सरकारी मानदंडों का हवाला दिया। इस बीच आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक होने वाली है। जानकारों का मानना है कि रिजर्व बैंक 5 फरवरी को घोषित होने वाली अपनी अगली मौद्रिक नीति में बेंचमार्क ब्याज दर को जस-का-तस बरकरार रख सकता है।

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बजट पर कया बोले पीएम मोदी
मालूम हो कि आज संसद में वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बजट पेश किया गया। बजट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी प्रतिक्रिया आई। पीएम मोदी ने कहा है कि ये बजट आत्मनिर्भर भारत विजन को बेहतर बनाएगा। पीएम मोदी के अनुसार इस बजट के केंद्र में किसान और गाँव हैं। बजट को अग्रसक्रिय (Proactive) करार देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि किसानों की इनकम बढ़ाने में मदद करने पर ध्यान दिया गया है।

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