नई दिल्ली, अप्रैल 20। गर्मी से बचने के लिए एसी की जरूरत पड़ती ही है। आम तौर पर दो तरीके के एसी ज्यादा चलन में रहते हैं। इनमें स्प्लिट और विंडो एसी शामिल हैं। तीसरी कैटेगरी है पोर्टेबल एसी की। पोर्टेबल एसी को कूलर की तरह पूरे घर में कहीं भी ले जाया जा सकता है। इनमें टायर लगे होते हैं। आप इनमें से कोई भी एसी लगवा लें, बिजली का बिल आपकी जेब पर तगड़ा बोझ डाल सकता है। मगर अब एसी की एक और क्वालिटी मार्केट में आ गयी है। ये हैं सोलर एसी, जिन्हें आप बिना बिजली के ही चला सकते हैं। इस नये एसी को सोलर प्लेट से चलाया जा सकता है। आइए जानते हैं इस नये के बाकी फीचर्स और डिटेल।
सोलर एसी 1 टन, 1.5 टन और 2 टन कैपेसिटी में उबलब्ध हैं। इसलिए आपको जितनी बड़े कमरे या ऑफिस के लिए एसी की जरूरत है, आप उसी क्षमता का एसी खरीद सकते हैं। हालांकि स्प्लिट या विंडो एसी की तुलना में सोलर एसी का रेट बहुत अधिक होता है। मगर बिजली की बचत के हिसाब से ये मुनाफे का सौदा हैं। सोलर एसी से आप आराम से 90 फीसदी तक बिजली बचा सकते हैं।
इस समय कई कंपनियां सोलर एसी बना रही हैं। अधिकतर कंपनियों के इस प्रोडक्ट का दाम लगभग एक जैसा ही है। आपको सोलर एसी के साथ एसी के साथ कुछ सामान मिलेगा, जिसमें इन्वर्टर, के अलावा सोलर प्लेट, बैटरी और इंस्टॉलेशन के बाकी इक्विमें शामिल हैं। कीमत की बात करें तो 1 टन का एसी (1500 वाट) 97 हजार रु तक में मिल जाएगा। वहीं इतने ही वाट 1.5 टन वाला एसी 1.39 लाख रु और 2 टन वाला एसी 1.79 लाख रु में खरीदा जा सकता है।
सोलर एसी का बड़ा फायदा बिजली के बिल में कमी के रूप में मिलेगा। अगर आप कोई अन्य एसी यूज करते हैं, तो महीने में 300 यूनिट तक बिजली की खपत होगी। यानी आपको सिर्फ एसी के लिए ही 2100 रु हर महीने देने पड़ सकते हैं। मगर सोलर एसी में ऐसा कोई झंझट नहीं है। अगर आप थोड़ा हिसाब से सोलर एसी चलाएं तो संभव है कि आपको बिजली पर 1 रु भी खर्च न करना पड़े।
सोलर एसी को इंस्टॉल करते समय जितना टन का वो है उसी अनुसार सोलर प्लेट भी लगाई जाती है। अगर आपका सोलर एसी 1 टन का हो तो 1500 वाट की सोलर प्लेट लगेगी। इस प्लेट को एक इन्वर्टर और बैटरी से लिंक किया जाएगा। फिर सूरज की रोशनी से सोलर प्लेट ऊर्जा तैयार करेगी और उससे बैटरी चार्ज होगी। इसी बैटरी से एसी चलेगा। अगर सूरज न निकले तो आप इस एसी को बिजली से भी चला सकते हैं।
पोर्टेबल एसी भी काफी सुविधा वाले होते हैं। आप अपने घर के किसी कमरे में इन्हें लगवा सकते हैं। फिर घर के जिस हिस्से में चाहें आप इसे ले जा भी सकते हैं। पोर्टेबल एसी पहियों से लैस होता है, जिनकी मदद से इसे शिफ्ट किया जा सकता है। पोर्टेबल एसी का साइज और वजन काफी कम होता है।
कूलिंग की बात करें तो पोर्टेबल एसी में पीछे की तरफ एक लंबा पाइप होता है, जिसका काम गर्म हवा को बाहर निकालना होता है। मार्केट में आपको आधा टन से 1.5 टन तक के पोर्टेबल एसी मिल जाएंगे।
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