नई दिल्ली, जुलाई 30। मध्य प्रदेश के साढ़े चार लाख पेंशन पाने वाले लोगों के लिए बहुत अच्छी खबर है। उन्हें मिलनी वाली प्रतिमाह महंगाई राहत में सरकार पांच प्रतिशत की वृद्धि करने जा रही है। इसके लिए सरकार की तरफ से सहमति दे दी गयी है। मगर वृद्धि के बाद भी कर्मचारियों को मिल रहे महंगाई भत्ते से 9 फीसदी कम रहेगी। मालूम हो कि महंगाई राहत 1 मई 2022 से सातवें वेतनमान में 22 फीसदी और छठवें वेतनमान में 17 प्रतिशत है। मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है।
राज्य सरकार ने अक्टूबर 2021 में कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाया था। तब इसे 12 से 8 प्रतिशत बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया था। तब राज्य की शिवराज सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार को पेंशन पाने वालों की महंगाई राहत में आठ प्रतिशत की वृद्धि करने का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि छत्तीसगढ़ सरकार ने पांच प्रतिशत की ही सहमति दी। इसलिए अभी तक महंगाई राहत 17 फीसदी ही है।
राज्य सरकार ने कर्मचारियों का 1 अप्रैल 2022 से महंगाई भत्ता 11 प्रतिशत बढ़ाया और इसे 31 प्रतिशत कर दिया। मध्य प्रदेश के वित्त विभाग ने इसका लाभ पेंशन पाने वालों को देने के लिए मई 2022 में छत्तीसगढ़ सरकार को पत्र लिखा और उनकी सहमति मांगी पर लेकिन उन्होंने कोई फैसला नहीं लिया। मगर फिर छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 मई 2022 से पेंशनर को सातवें वेतनमान में 22 फीसदी महंगाई राहत देने का निर्णय लिया। मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम-2000 की धारा 49 के अनुसार महंगाई राहत में वृद्धि के लिए मंजूरी मध्य प्रदेश की सरकार ने दी।
एक रिपोर्ट के अनुसार विभागीय अधिकारियों के मुताबिक छत्तीसगढ़ की सहमति मिल गयी है, जिससे अब महंगाई राहत में वृद्धि होगी। वहीं कैबिनेट ने पहले ही महंगाई राहत में वृद्धि का निर्णय ले लिया है। पेंशनर एसोसिएशन मध्य प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गणेश दत्त जोशी ने महंगाई राहत में पांच प्रतिशत की वृद्धि को सही नहीं माना है। उन्होंने इसे पेंशनर के साथ अन्याय करार दिया है।
केंद्रीय कर्मचारियों के डीए (महंगाई भत्ते) में इजाफा हो सकती है। अनुमान ये भी है कि फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी को लेकर भी फैसला हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो केंद्र सरकार के कर्मचारियों को डबल फायदे मिलेंगे। इससे वेतन में अच्छी बढ़ोतरी होगी। डीए के साथ ही फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी को लेकर केंद्रीय कर्मचारी लंबे समय से मांग कर रहे हैं।
फिटमेंट फैक्टर इस समय 2.57 फीसदी दिया जाता है। इसे बढ़ा कर 3.68 फीसदी करने की मांग हो रही है। कुछ समय पहले सामने आई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि वित्त वर्ष 2022-23 से पहले ही फिटमेंट फैक्टर पर फैसला लिया जा सकता है। मगर ऐसा नहीं हुआ। मगर अब डीए बढ़ोतरी की उम्मीद के साथ ही फिटमैंट फैक्टर में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। फिटमेंट फैक्टर ही केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए बेसिक सैलेरी तय करने का मापदंड है। कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी में इसकी अहम भूमिका होती है।
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