Good News: बिहार में बिजली की दरों में संशोधन किया गया है, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगी. बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली कंपनी की याचिका के बाद इन बदलावों की घोषणा की. ये नई दरें 31 मार्च 2026 तक वैध रहेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू और कुटीर ज्योति (BPL) कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को अब मासिक 50 यूनिट से अधिक उपयोग करने पर 54 पैसे प्रति यूनिट की छूट मिलेगी.

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25 पैसे प्रति यूनिट की मिलेगी छूट

पूरे राज्य में स्मार्ट प्रीपेड मीटर का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को 25 पैसे प्रति यूनिट की छूट का लाभ मिलेगा. बिहार में 62 लाख से ज़्यादा स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं. पहले इन उपभोक्ताओं को मीटर रिचार्ज पर तीन प्रतिशत की छूट मिलती थी. स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं को अब 79 पैसे प्रति यूनिट की बचत होगी.

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स्मार्ट मीटर के फायदे

स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के छह महीने बाद तक लोड सीमा से ज़्यादा खपत पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा. हालांकि, जिन लोगों ने इन मीटरों को लगाए हुए छह महीने से ज़्यादा हो गए हैं, उन्हें लोड सीमा से ज़्यादा खपत पर जुर्माना भरना पड़ेगा. कंपनी ऐसे उपभोक्ताओं को जुर्माने से बचने के लिए अपनी लोड क्षमता बढ़ाने की सलाह देती है.

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न्हें नहीं मिलेगी राहत!

शहरी घरेलू, ग्रामीण और शहरी वाणिज्यिक, कृषि या औद्योगिक कनेक्शनों के लिए बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. उपभोक्ताओं को 31 मार्च से पहले लागू दरों के आधार पर बिल का भुगतान जारी रखना होगा. इससे राज्य भर में विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों के लिए बिलिंग में स्थिरता सुनिश्चित होती है.

नई कोल्ड स्टोरेज कैटेगरी

कृषि उत्पाद भंडारण को समर्थन देने के लिए एक नई श्रेणी शुरू की गई है. 74 किलोवाट तक की अनुबंध मांग वाली कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं को अब LT IAS-I श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है. इसके अलावा 50 kVA से 1500 kVA तक की HT कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं को भी अलग से वर्गीकृत किया गया है. इस पहल का उद्देश्य कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं के लिए विशिष्ट दर श्रेणियां प्रदान करके कृषि उत्पादों के उचित भंडारण को बढ़ाना है.