नई दिल्ली: देश भर के पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है। अगर आप भी पेंशनर्स है तो ये खबर आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। दीपावली पर मोदी सरकार पेंशनर्स की पेंशन बढ़ा सकती है। जी हां मिली जानकारी के मुताबिक कम से कम पेंशन 1 हजार से बढ़कर दो हजार रुपए की जा सकती है। इस बढ़ोत्तरी से 60 लाख पेंशनर्स का फायदा होगा। वहीं पेंशन दोगुना करने से सरकार पर दो हजार करोड़ से ज्यादा का बोझ पड़ेगा।
ईपीएफओ के दायरे में आने वाली संगठित क्षेत्र की कंपनियों को अपने कर्मचारी को ईपीएफ का लाभ उपलब्ध कराना होता है। ईपीएफ में एंप्लॉयर व इंप्लॉई दोनों की ओर से योगदान कर्मचारी की बेसिक सैलरी+डीए का 12-12 फीसदी है। कंपनी के 12 फीसदी योगदान में से 8.33 फीसदी इंप्लॉई पेंशन स्कीम ईपीएस में जाता है। जानकारी के मुताबिक, ईपीएफओ से पेंशनर्स को दिवाली पर बढ़ी हुए पेंशन का तोहफा मिल सकता है। वहीं वित्त मंत्रालय श्रम मंत्रालय के मिनिमम पेंशन में बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमत हो गया है। श्रम मंत्रालय के प्रस्ताव पर सहमति के चलते मिनमम पेंशन दोगुना करने घोषणा जल्द हो सकती है। बता दें कि जानकारी मिली है कि मिनिमम पेंशन 1000 रुपए से बढ़कर 2,000 रुपए हो सकती है।
मालूम हो कि इस पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज से 2019 में मंजूरी मिली थी। अब सीबीटी की मिनिमम पेंशन 2,000-3,000 रुपए करने की मांग है। पेंशन दोगुना करने पर सरकार पर 2000-2500 करोड़ का बोझ आएगा। इस बढ़ोतरी से करीब 60 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। आपको बता दें कि प्राइवेट सेक्टर के संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को भी रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन का लाभ मिल सके, इसके लिए इंप्लॉई पेंशन स्कीम, 1995 (ईपीएस) की शुरुआत की गई। ईपीएफ स्कीम, 1952 के तहत एंप्लॉयर द्वारा कर्मचारी के ईपीएफ में किए जाने वाले 12 फीसदी कॉन्ट्रीब्यूशन में से 8.33 फीसदी ईपीएस में जाता है। 58 साल की उम्र के बाद कर्मचारी ईपीएस के पैसे से मंथली पेंशन का लाभ पा सकता है।
वहीं 10 साल के पहले सेवा के वर्ष जितने कम होंगे उतनी कम राशि को आप एकमुश्त निकाल पाएंगे। डेलॉयट इंडिया में पार्टनर सरस्वती कस्तूरीरंगन कहती हैं कि ईपीएस स्कीम से एकमुश्त निकासी की अनुमति तभी मिलती है अगर सेवा के वर्ष 10 साल से कम हैं। आपको वापस की जाने वाली रकम ईपीएस स्कीम 1995 में दी गई टेबल डी पर आधारित होगी। वहीं ईपीएफ स्कीम के तहत, नौकरी जाने पर सदस्य के पास पूरी रकम निकालकर खाते को बंद कराने का विकल्प है। खाते को बंद कराने (2 महीने से ज्यादा समय के लिए बेरोजगार रहने) पर ईपीएफ और ईपीएफ खाते (शर्त यह है कि सेवा के साल 10 साल से कम हों) से एकमुश्त पूरी रकम निकाली जा सकती है।
आपको बता दें कि दीपावली पर केन्द्र सरकार ही नहीं राज्य सरकारें भी सरकारी कर्मचारियों को तोहफा दे रही हैं। पिछले दिनों केन्द्र सरकार ने 30 लाख से ज्यादा केन्द्र कर्मचारियों को बोनस देने का ऐलान किया था। जिसके बाद हरियाणा सरकार ने भी बोनस एडवांस में देने का फैसला लिया है। मिली जानकारी के अनुसार ये बोनस ग्रुप सी और ग्रुप डी के कर्मचारियों को दिया जाएगा।
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