नई दिल्ली, मई 23। इसी महीने भारतीय रिजर्व बैंक ने 4 मई को आयोजित अपनी अनिर्धारित बैठक में रेपो दर में 40 आधार अंकों की बढ़ोतरी की थी। रेपो दर बढ़ाने के सेंट्रल बैंक के फैसले के तुरंत बाद, कई बैंकों ने सावधि जमा (एफडी) पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला किया। अब आईसीआईसीआई बैंक ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सावधि जमा पर ब्याज दरों में वृद्धि करने का फैसला किया है और नई दरें 21 मई, 2022 से पहले ही प्रभावी हो चुकी हैं। आगे जानिए बैंक की नयी ब्याज दरें कितनी हैं।
आईसीआईसीआई बैंक एक सावधि जमा योजना की पेशकश कर रहा है जो वरिष्ठ नागरिकों को गोल्डन ईयर्स एफडी के नाम से जानी जाती है। यह योजना एक स्पेशल एफडी स्कीम है जिसमें वरिष्ठ नागरिकों को आम तौर पर दी जाने वाली 0.50 फीसदी दर के ऊपर एक्स्ट्रा बेनेफिट रूप में अतिरिक्त ब्याज दर ऑफर की जाती है।
आईसीआईसीआई बैंक में अभी तक गोल्डन ईयर्स एफडी योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को उनकी जमा राशि पर 6.35 फीसदी की ब्याज दर मिल रही थी। अब बढ़ोतरी के बाद वरिष्ठ नागरिकों को 6.50 फीसदी ब्याज दर मिलेगी। नई दरें 21 मई, 2022 से लागू हुईं। यानी गोल्डन ईयर्स की ब्याज दरों में 0.15 फीसदी का इजाफा किया गया है।
इस योजना को वरिष्ठ नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया था। गोल्डन एफडी योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज दर मिलती है। ये योजना कोरोना काल में शुरू की गयी। और भी कई बैंक हैं जो इसी तरह की स्कीम चला रहे हैं।
गोल्डन एफडी योजना तब शुरू की गई थी जब कोरोनावायरस महामारी विश्व स्तर पर फैला और लाखों लोगों को संक्रमित किया। इस एफडी को ठीक 20 मई, 2020 को लॉन्च किया गया था। गोल्डन एफडी स्कीम 2 करोड़ रुपये से कम के सिंगल फिक्स्ड डिपॉजिट पर लागू है।
वरिष्ठ नागरिकों को हमेशा सभी बैंकों में एफडी पर लगभग 0.5 प्रतिशत की अतिरिक्त ब्याज दर मिलती है। इसके अलावा अगर एफडी 5 साल या उससे अधिक के लिए है, तो विशेष बैंक सावधि जमा (एफडी) योजनाएं हैं, जिसके तहत वरिष्ठ नागरिकों द्वारा जमा पर मौजूदा 0.50 प्रतिशत की दर से अधिक ब्याज की अतिरिक्त दर मिलती है। अगर आप 5 साल के लिए बैंक एफडी में पैसा लगाना चाहते हैं और टैक्स भी बचाना चाहते हैं, तो आप दोनों काम एक साथ कर सकते हैं। 5 साल की टैक्स सेविंग एफडी इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80सी के तहत टैक्स बेनिफिट के लिए योग्य होती है। एक वित्तीय वर्ष में टैक्स बेनेफिट के लिए 5 वर्षीय कर-बचत बैंक एफडी में अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है। नियमों के अनुसार, इस तरह की एफडी में से समय से पहले निकासी की अनुमति नहीं होती है, क्योंकि लॉक-इन 5 वर्ष होता है लेकिन आप मासिक या त्रैमासिक ब्याज लेने का विकल्प चुन सकते हैं। इसके अलावा, इस तरह की जमा राशि पर किसी भी तरह की लोन की सुविधा नहीं मिलती।
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