सोने और चांदी की कीमतों में हाल ही में आई गिरावट ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। GoodReturns के साथ Exclusive बातचीत में Ajay Kedia ने बताया कि हाल के Geopolitical tensions के बावजूद सोने और चांदी में मजबूती नहीं दिख रही है। उनका कहना है कि कई फंडामेंटल और मार्केट ट्रिगर्स अब पहले जैसे काम नहीं कर रहे हैं। Property Market की कमजोरी, Crypto Market में गिरावट, Currency Market में उतार-चढ़ाव और Share Market में निवेशकों का फंसना-ये सभी सोने-चांदी के लिए निगेटिव संकेत बने हैं।

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Fed की पॉलिसी और Gold, Silver पर प्रभाव

Kedia के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने साफ कर दिया है कि फिलहाल कोई रेट कट नहीं होगा और रेट हाइक के संकेत भी जारी हैं। इससे निवेशकों का रुझान सोने-चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर तो रहा है, लेकिन कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

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Iran-US संघर्ष का असर

उन्होंने बताया कि Iran-US संघर्ष के चलते सोने-चांदी पर फिलहाल दबाव जारी रहेगा। सोने में $4100 का लो बन चुका है और $4800 का लेवल फिलहाल बचा नहीं पा रहा। रुपए की कमजोरी से सोने को थोड़ी सपोर्ट मिल रही है, लेकिन यह सीमित है। Kedia का अनुमान है कि सोने की कीमत ₹1,44,000 से ₹1,53,000 के बीच रह सकती है।

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चांदी की स्थिति और निवेश सलाह

चांदी की स्थिति भी उतनी बेहतर नहीं है। यह $64 से $75 के बीच कारोबार कर रही है और Silver May Futures ₹2,32,000 पर ट्रेड कर रहे हैं। Kedia निवेशकों को ₹2,35,000-₹2,36,000 पर विक्रय की सलाह दे रहे हैं, जबकि खरीदारी के लिए ₹2,20,000 का स्तर महत्वपूर्ण रहेगा।

गोल्ड-सिल्वर रेश्यो और निवेश रणनीति

Ajay Kedia ने गोल्ड-सिल्वर रेश्यो पर भी ध्यान देने की सलाह दी। 2025 में यह रेश्यो 107 पर था, जो अब नीचे आ गया है। हाल ही में 44 के स्तर से रिकवरी देखने को मिली और अब यह 64 के लेवल पर पहुँच चुका है। उनका कहना है कि यह रेश्यो 75 तक जा सकता है।

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सोच-समझकर निवेश करें

उन्होंने साफ किया कि सोने में निवेश फिलहाल फायदेमंद रहेगा, जबकि चांदी पर दबाव बना रहेगा। हालांकि, चांदी ने 2025 में निवेशकों को 300% का रिटर्न दिया था, इसलिए सही समय का इंतजार करना महत्वपूर्ण होगा। जब Iran-US संघर्ष खत्म होगा, तभी चांदी और सोने में खरीदारी का अवसर आएगा। कुल मिलाकर, Ajay Kedia का कहना है कि Geopolitical tensions और आर्थिक संकेतकों के बीच सोने-चांदी की कीमतें फिलहाल दबाव में हैं। निवेशकों को जल्दबाजी करने के बजाय सोच-समझकर निवेश करना चाहिए।