Gold Silver Price Prediction: Middle East में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच जारी टकराव का असर अब कमोडिटी बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। Ceasefire की उम्मीदों के बीच एक बार फिर हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा असर Crude Oil, सोना और चांदी की कीमतों पर देखने को मिल रहा है।

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कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट अजय केडिया का मानना है कि आने वाले महीनों में सोना और चांदी दोनों में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि उनके मुताबिक, चांदी का प्रदर्शन सोने से भी बेहतर रह सकता है।

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Middle East Tension से बढ़ी बाजार की चिंता

मिडिल ईस्ट में तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी वजह से ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर करीब 92 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। अगर कच्चा तेल महंगा रहता है तो महंगाई बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है। यही वजह है कि निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) की अगली मौद्रिक नीति बैठक पर है।

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Fed Meeting क्यों है अहम?

अगले हफ्ते होने वाली फेड की बैठक सोना और चांदी की दिशा तय कर सकती है। आमतौर पर ब्याज दरें बढ़ने पर सोने पर दबाव आता है, लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि फिलहाल फेड के तुरंत ब्याज दर बढ़ाने की संभावना कम है।

उनका कहना है कि अमेरिका में रोजगार के आंकड़े कमजोर हैं और महंगाई भी धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है। ऐसे में फेड फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव करने के बजाय इंतजार कर सकता है। यही वजह है कि बाजार में सोने और चांदी को लेकर सकारात्मक माहौल बन रहा है।

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Gold vs Equity: क्या है बेहतर?

Ajay Kedia का मानना है कि अगले कुछ वर्षों में सोना और चांदी, खासकर चांदी, निवेशकों को इक्विटी यानी शेयर बाजार से बेहतर रिटर्न दे सकती है।

इसके पीछे कई वजहें हैं-

* दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं।
* चीन लंबे समय से गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहा है।
* वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की ओर रुख करते हैं।
* चांदी की औद्योगिक मांग लगातार बढ़ रही है।

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Ajay Kedia को पसंद है Silver

एक्सपर्ट का कहना है कि चांदी अब सिर्फ कीमती धातु नहीं रही, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु बन चुकी है। इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई आधुनिक उद्योगों में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है।

यही वजह है कि उनका मानना है कि आने वाले समय में चांदी की कीमतें सोने से ज्यादा तेजी दिखा सकती हैं।

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Gold, Silver के टारगेट

Ajay Kedia की राय

Gold

* Short Term में ₹1.50-1.52 लाख तक पहुंच सकता है।
* 6 से 8 महीनों में ₹1.80-1.85 लाख का स्तर देखने को मिल सकता है।

Silver

* Short Term में ₹2.60-2.70 लाख तक पहुंच सकती है।
* 6 से 8 महीनों में ₹3.25-3.50 लाख तक जा सकती है।

पोर्टफोलियो में कितना निवेश करें?

Ajay Kedia की राय: निवेशकों को अपने कुल निवेश का लगभग 20% हिस्सा सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं में रखना चाहिए। अगर गोल्ड और सिल्वर के बीच चुनाव करना हो तो फिलहाल चांदी का हिस्सा ज्यादा रखा जा सकता है। उनका मानना है कि इस 20% आवंटन में लगभग 60-65% हिस्सा चांदी और बाकी सोने में रखा जा सकता है। हालांकि निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लेनी चाहिए।

ब्रेंट क्रूड फिलहाल 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। एक्सपर्ट का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट का तनाव और बढ़ता है तो कीमतें 99-100 डॉलर तक जा सकती हैं। लेकिन यदि युद्धविराम की खबर आती है तो कच्चा तेल तेजी से गिरकर 80-82 डॉलर प्रति बैरल तक भी आ सकता है।

उनका मानना है कि ओपेक की ओर से उत्पादन बढ़ाने और वैश्विक मांग में नरमी की वजह से तेल में बहुत बड़ी तेजी की संभावना फिलहाल कम है।

अजय केडिया का कहना है कि जुलाई और अगस्त के दौरान सोना-चांदी में कुछ समय तक उतार-चढ़ाव और सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है। लेकिन सितंबर और अक्टूबर के बाद एक नई तेजी शुरू होने की संभावना है।

ऐसे में जिन निवेशकों का नजरिया लंबी अवधि का है, वे धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से सोना और खासकर चांदी में निवेश पर विचार कर सकते हैं। हालांकि किसी भी निवेश का फैसला अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय सलाहकार की सलाह के आधार पर ही लेना चाहिए।