नयी दिल्ली। 2020 में सोने की कीमतों में लगभग 27 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि चांदी में लगभग 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। यानी निवेशकों को 2020 में सोने से 27 फीसदी और चांदी से 50 फीसदी रिटर्न मिला। अगस्त में भारत में सोने की कीमतें एमसीएक्स पर 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं। जबकि उसी समय चांदी का रेट भी लगभग 80,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक चढ़ गया था। वैश्विक बाजारों पर नजर डालें तो 2020 में सोने की कीमतें 25 फीसदी ऊपर चढ़ीं। पिछले एक दशक में किसी भी साल में सोने की कीमतों में यह सबसे बड़ी तेजी रही। बड़ा सवाल ये है कि आखिर 2021 में सोने और चांदी का रेट कहां तक जा सकता है।
ब्रोकरेज हाउस के विश्लेषकों को उम्मीद है कि पीली धातु (सोने को पीली धातु भी कहा जाता है) में तेजी रहेगी। उम्मीद की जा रही है कि 2021 में सोने की कीमतें 65,000 रुपये और चांदी 90,000 रुपये तक जा सकती हैं। इस समय सोना 51,550 रु और चांदी 70300 रु के करीब है। इस लिहाज से सोने और चांदी में तगड़ा रिटर्न देने की क्षमता है।
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी - जब अमेरिकी मुद्रा की कीमत दुनिया भर की अन्य मुद्राओं के मुकाबले घटती है, तो सोने की कीमत अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में बढ़ जाती है।
कम ब्याज दरें - कम ब्याज दरें सोने को अधिक आकर्षक निवेश बनाती हैं
मुद्रास्फीति (महंगाई) - कम ब्याज दरों के चलते लिक्विडिटी घटने के कारण मुद्रास्फीति का जोखिम अधिक होता है। मुद्रास्फीति के मुकाबले सोना एक बचाव वाला ऑप्शन है।
कोरोना वैक्सीनेशन - बड़ी आबादी के लिए वैक्सीनेशन योजना पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे फिलहाल आर्थिक गतिविधियों के एक दम सामान्य होने की संभावना नहीं है।
सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सिल्वर-डिपेंडेंट ग्रीनर टेक्नॉलॉजी में निवेश बढ़ रहा है, जिससे चांदी की मांग बढ़ेगी। इसके अलावा दुनिया भर में बढ़ते कोरोनावायरस के मामले फिर से आर्थिक अनिश्चितता बढ़ा रहे हैं। इससे निवेशक सुरक्षित निवेश ऑप्शन में ज्यादा दांव लगाएंगे। जानकारों के अनुसार आने वाले महीनों में सोने और चांदी दोनों के ऊपर जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी डॉलर में सोने के रेट उच्चम हाई छू सकते हैं।
डॉलर में सोने के रेट के पहले 2000 डॉलर प्रति औंस का आंकड़ा पार करने की संभावना है। इसके बाद ये 2021 में 2100 डॉलर तक भी जा सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मौजूदा रेट 1948 डॉलर के करीब हैं।
अर्थव्यवस्था में सुधार से मांग बढ़ सकती है। हालांकि इस बात की संभावना नहीं है कि इंडस्ट्री वापस सामान्य स्तर पर लौट आएगी, क्योंकि सफल टीकाकरण अभियान के बाद ही लोगों में खरीदारी के लिए आत्मविश्वास आएगा। जून-जुलाई तक लोगों को वैक्सीन मिल जाएगी और उनके बीच आत्मविश्वास बढ़ेगा। अगले त्योहारी सीजन के दौरान केवल तीन से चार महीनों में अच्छी एक्टिविटी दिखेगी।
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