क्या सिर्फ शेयर बाजार में निवेश करके लंबी अवधि में बड़ी संपत्ति बनाई जा सकती है? या फिर निवेशकों को Gold, Silver, Real Estate और Mutual Funds जैसे दूसरे एसेट क्लास पर भी ध्यान देना चाहिए? मौजूदा बाजार परिस्थितियों में यह सवाल पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।

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मार्केट एक्सपर्ट अक्षय चिंचलकर का मानना है कि भविष्य में सफल निवेश की कुंजी केवल स्टॉक चुनने में नहीं, बल्कि सही Asset Allocation में छिपी हुई है।

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सिर्फ Equity पर मत रहे निर्भर

पिछले कुछ वर्षों में गोल्ड और सिल्वर ने शानदार रिटर्न दिए हैं। वहीं कई बार ऐसा भी हुआ है जब शेयर बाजार लंबे समय तक सीमित दायरे में रहा।

ऐसे में निवेशकों को केवल एक एसेट क्लास पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। एक्सपर्ट का मानना है कि हर आर्थिक चक्र में कोई न कोई एसेट क्लास बेहतर प्रदर्शन करता है। इसलिए पोर्टफोलियो में विविधता बेहद जरूरी है।

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Gold और Silver या Realty?

हाल के महीनों में गोल्ड और सिल्वर में तेज गिरावट देखने को मिली है। डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।

इसके विपरीत रियल्टी सेक्टर मजबूत तकनीकी संकेत दे रहा है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम होने और संभावित कटौती की उम्मीद के चलते रियल एस्टेट कंपनियों को फायदा मिल सकता है।

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एक्सपर्ट का कहना है कि फिलहाल गोल्ड और सिल्वर की तुलना में रियल्टी सेक्टर बेहतर अवसर प्रदान कर सकता है।

Flexicap Funds क्यों बन रहे हैं पसंदीदा?

बाजार में लगातार Largecap, Midcap और Smallcap के बीच रोटेशन चलता रहता है। कभी बड़े शेयर बेहतर प्रदर्शन करते हैं तो कभी छोटे और मध्यम आकार की कंपनियां आगे निकल जाती हैं।

ऐसे माहौल में Flexicap Funds निवेशकों को अलग-अलग मार्केट कैप में निवेश करने की सुविधा देते हैं। यही वजह है कि इन फंड्स में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।

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Asset Allocation कैसे तय करें?

एक सफल निवेशक को केवल शेयर बाजार ही नहीं, बल्कि कई अन्य फैक्टर्स पर भी नजर रखनी चाहिए।

  • ब्याज दरों का रुझान
  • डॉलर इंडेक्स की दिशा
  • कच्चे तेल की कीमतें
  • वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां
  • घरेलू आर्थिक ग्रोथ

इन सभी कारकों के आधार पर निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का संतुलन बनाना चाहिए।

Over Diversification से बचें

बहुत से निवेशक जोखिम कम करने के नाम पर दर्जनों शेयर खरीद लेते हैं। लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि जरूरत से ज्यादा Diversification नुकसानदायक भी हो सकता है।

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उनके अनुसार 30 से अधिक शेयरों वाला पोर्टफोलियो मैनेज करना मुश्किल हो जाता है। इससे निवेशक "Analysis Paralysis" का शिकार हो सकते हैं, जहां फैसले लेना ही कठिन हो जाता है।

Ideal Portfolio कैसा हो?

एक संतुलित निवेश रणनीति में शामिल हो सकते हैं:

  • Equity या Flexicap Fund
  • Gold ETF
  • Debt Fund
  • कुछ सेक्टर आधारित अवसर

इस तरह का पोर्टफोलियो अलग-अलग बाजार परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने की Capacity रखता है।

Long Term में Wealth Creation का सबसे बड़ा आधार अब केवल स्टॉक मार्केट नहीं बल्कि स्मार्ट Asset Allocation बन चुका है। निवेशकों को इक्विटी, गोल्ड, डेट और दूसरे एसेट क्लास के बीच Balance बनाकर चलना चाहिए। सही Diversification, सीमित लेकिन गुणवत्तापूर्ण निवेश और लंबी अवधि का नजरिया ही भविष्य में बेहतर Wealth Creation का रास्ता खोल सकता है।