नयी दिल्ली। आज सोने की कीमतों ने नया इतिहास बना दिया। पहली बार प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत 44000 के ऊपर पहुँच गयी। सोने के अलावा चांदी का भी पारा काफी हाई रहा। चांदी की कीमतें प्रति किलो 50000 रुपये के करीब पहुँच गयी हैं। सोने और चांदी की कीमतों में इतनी अधिक तेजी के पीछे दो बड़े कारण रहे। इनमें पहला है कोरोनावायरस। दरअसल कोरोनावायरस जैसी किसी भी आपदा के समय निवेशक इक्विटी बाजारों से अपने पैसे निकाल कर सोने जैसी सुरक्षित जगह पर निवेश करने लगते हैं। इससे सोने की मांग (बतौर निवेश) बढ़ जाती है और नतीजे में इसके दाम आसमान छूने लगते हैं। दूसरा कारण है कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट। कोरोनावायरस के कारण कच्चे तेल की मांग कम होने की संभावना है, जिससे कच्चे तेल के दाम प्रभावित होंगे।
बता दें कि शनिवार को दिल्ली में सोने की कीमत 1175 रुपये की तेजी के साथ प्रति 10 ग्राम 44020 रुपये पर पहुँच गयी। वहीं चांदी कीमत 830 रु की बढ़ोतरी के साथ प्रति किलो 49,850 रुपये पर पहुँच गयी। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक वैश्विक बाजारों में सोना हाजिर 10 डॉलर की तेजी के साथ 1643.40 डॉलर प्रति औंस पर पहुँच गया। वहीं अमेरिकी सोना वायदा (अप्रैल) 25.80 डॉलर की वृद्धि के साथ 1642.40 डॉलर प्रति औंस पर बोला गया। जानकारी के लिए बता दें कि कोरोनावायरस के कारण वैश्विक बाजारों में सोने के भाव कई सालों के शिखर पर पहुँच गये हैं।
- सोना स्टैंडर्ड प्रति 10 ग्राम : 44,020 रुपये
- सोना बिटुर प्रति 10 ग्राम : 43,850 रुपये
- चांदी हाजिर प्रति किलोग्राम : 49,850 रुपये
- चांदी वायदा प्रति किलोग्राम : 48,304 रुपये
- सिक्का लिवाली प्रति इकाई : 980 रुपये
- सिक्का बिकवाली प्रति इकाई : 990 रुपये
- गिन्नी प्रति आठ ग्राम : 31,100 रुपये
हाल ही में पेश किये गये वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2018-19 की अप्रैल-जनवरी के दौरान आयात किये गये 27 अरब डॉलर के मुकाबले 2019-20 की समान अवधि के दौरान 9 फीसदी गिरावट के साथ 24.64 अरब डॉलर यानी करीब 1.74 लाख करोड़ रुपये के सोने का आयात किया गया। सोने के आयात का देश के चालू खाता घाटे (सीएडी) पर असर पड़ता है। सोने का आयात कम होने से देश का व्यापार घाटा यानी Trade Deficit भी कम हुआ है। साल दर साल आधार पर अप्रैल-जनवरी के दौरान देश का व्यापार घाटा 163.27 अरब डॉलर से घट कर 133.27 अरब डॉलर रह गया।
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