Gold Price Today, 1 April: आज से नए महीने और फाइनेंशियल ईयर 2026 की शुरुआत हो गए हैं. सोने की कीमतों ने वायदा बाजार में रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. टैरिफ से बनी चिंताओं के ट्रिगर से सोने की कीमतों में तूफानी तेजी देखने को मिल रहा. यही वजह है कि 10 ग्राम सोने का भाव पहली बार 91300 रुपए प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर कीमतें अब 1 लाख रुपए की ओर बढ़ रही है. एक्सपर्ट भी मान रहे हैं कि सोने का बुलिश ट्रेंड बरकरार रहने वाला है.

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आज सोने और चांदी का भाव

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोने की कीमतों ने मंगलवार को नया रिकॉर्ड बनाया. MCX पर सोने काजून वायदा का रेट करीब 660 रुपए की मजबूती के साथ 91374 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा, जोकि शुरुआती कारोबार में 91400 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. यह 10 ग्राम सोने का अब तक का ऑल टाइम हाई लेवल भी है. सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी तूफानी तेजी है. MCX पर सिल्वर का मई वायदा 760 रुपए की मजबूती के साथ 100825 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही, जोकि शुरुआती कारोबार में 100975 रुपए तक पहुंची. हालांकि, चांदी का ऑल टाइम हाई लेवल 104072 रुपए प्रति किलोग्राम है.

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सोने का बुलिश मोमेंटम रहेगा बरकरार

HDFC सिक्योरिटीज के अनुज गुप्ता ने कहा कि सोने में बुलिश मोमेंटम बरकरार रहने की उम्मीद है. सोने का भाव 2025 में अब तक करीब 17% बढ़ चुका है. उन्होंने बताया कि सोने में जोश भरने का काम सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग है. क्योंकि अमेरिकी टैरिफ के चलते ग्लोबल ट्रेड वॉर बढ़ने की आशंका है. इसका असर ग्लोबल इकोनॉमिक डेवलपमेंट पर पड़ेगा. इन सब के अलावा सेंट्रल बैंकों की ओर से सोने में खरीदारी, ETF इनफ्लो भी सोने की कीमतों को सपोर्ट कर रहे हैं. अनुज गुप्ता ने कहा कि MCX पर सोने के जून कॉन्ट्रैक्ट के लिए 90780 और 90900 रुपए का रेजिस्टेंस बताया, जबकि 90260 और 89700 रुपए का सपोर्ट लेवल दिया है.

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केडिया एडवाइजरी के अजय केडिया ने बताया कि बीते फाइनेंशियल ईयर यानी FY25 में सोने में गजब की तेजी दर्ज की गई, जोकि करीब 40% का रिटर्न दिया. उन्होंने सोने में तूफानी तेजी की 10 बड़ी वजहें बताई...

  • 1. अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी से ट्रेड वॉर बढ़ने और टैरिफ को लेकर अनिश्चितता का असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है. क्योंकि उन्होंने यूरोपियन एल्कोहल पर 200% टैरिफ की धमकी दी है. साथ ही चीन को लेकर भी नए टैरिफ का ऐलान हुआ है. इन सबकी वजह से ग्लोबल इकोनॉमी पर निगेटिव असर पड़ सकता है. इसी वजह से सेफ हेवन इनवेस्टमेंट की डिमांड के चलते सोने की मांग बढ़ी है.
  • 2. दुनियाभर के सेंट्रल बैंकों की सोने में खरीदारी जारी है. 2024 के बाद 2025 में भी होल्डिंग बरकरार है. खासकर चीन में सेंट्रल बैंकों की ओर से सोने में खरीदारी हो रही.
  • 3. अमेरिकी फेडरल बैंक की ओर से ब्याज दरों में कटौती का अनुमान है. इससे बॉरोइंग कॉस्ट कम होगा और सोने को लेकर आकर्षण बढ़ेगा.
  • 4. फिजिकल गोल्ड शॉर्टेज और सप्लाई चेन की दिक्कतों का असर भी सोने की कीमतों पर देखने को मिल रहा है. केवल जनवरी में ही 151 टन सोने को लंदन से New York शिफ्ट किया गया.
  • 5. कमजोर अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड की वजह से भी सोने को सपोर्ट मिल रहा है. 10-ईयर का अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 4.27% के नीचे फिसल गया. डॉलर इंडेक्स भी 104 के नीचे कारोबार कर रहा है, जिससे सोने का भाव आकर्षक नजर आ रहा.
  • 6. रूस-यूक्रेन, यूएस-चीन ट्रेड विवाद और ईरान का आक्रामक रवैया सोने की डिमांड को बढ़ाने में मदद कर रहा.
  • 7. सोने की फिजिकल डिमांड और ETF इनफ्लो से भी सोने की मांग बढ़ी है. गोल्ड ETF 2024 में 15% बढ़ा है.
  • 8. महंगाई का दबाव और करेंसी की गिरावट से भी सोने की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है. अमेरिका में महंगाई दर 2.8% पर आ गया है. टैरिफ और मॉनेटरी राहत से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है. इससे हेज के लिए सोने की कीमतों को सपोर्ट मिल सकती है.
  • 9. इक्विटी मार्केट में तेज करेक्शन देखने को मिल रहा है. हाल के हाई से निफ्टी, डाओ और नैस्डैक जैसे इंडेक्स करीब 10-16% तक नीचे कारोबार कर रहा हैं. साथ ही मंदी का भी डर बना हुआ है. s.
  • 10. ईरान ने अपना 20% फॉरेन रिजर्व गोल्ड में बदल दिया है. यह सोने की मांग को दर्शा रहा है.