Gold Rate Prediction: सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का एक्शन देखने को मिल रहा. बाजार पर कमजोर डॉलर और टैरिफ टेंशन का असर देखने को मिल रहा. यही वजह है कि सोने की कीमतों में लगातार तेजी दर्ज की जा रही. वहीं, मंदी के डर से सोने में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रहने का अनुमान है. ब्रोकिंग फर्म गोल्डमैन सैक्स ने 2025 के आखिर तक सोने के लिए आउटलुक जारी किया है.
2025 तक कितना महंगा होगा सोना?
गोल्डमैन सैक्स ने जारी ताजा अपडेट में बताया कि हाई रिस्क वाले नजरिए के बीच 2025 में सोने की कीमतों में तूफानी जारी देखने को मिल सकता है. यह 2025 के अंत तक 4,500 डॉलर प्रति औंस तक बढ़ सकती हैं. इसके लिए बड़ा ट्रिगर अमेरिकी-चीन ट्रेड टेंशन और मंदी की आशंका अहम होंगे.
बैंक ने पहले ही इसी अवधि के लिए अपने सोने के टारगेट प्राइस को बढ़ाकर 3,700 डॉलर प्रति औंस कर दिया है, जो इस साल का तीसरा बदलाव है.
मार्च की शुरुआत में गोल्डमैन सैक्स ने 2025 के लिए सोने की कीमत का टारगेट 3,300 डॉलर प्रति औंस तय किया था. अमेरिका-चीन के बीच चल रहे ट्रेड टेंशन ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे संभावित मंदी के जोखिम के खिलाफ सोना एक आकर्षक सेविंग बन गया है. रिपोर्ट बताती हैं कि इन फैक्टर्स ने निवेशकों के बीच सोने की अपील को काफी हद तक बढ़ा दिया है.
सोने की डिमांड और रिकॉर्ड रैली
सोने की कीमतें हफ्ते पहली बार 3,200 डॉलर प्रति औंस को पार कर गईं, जो 3,245.69 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गई. यह तेजी ग्लोबल मार्केट पर असर डालने वाले ट्रिगर्स जैसे जियो-पॉलिटिकल और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण है. फिजिकल बाइंग और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) दोनों में येलो मेटल की मजबूती मांग देखी गई है.
अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापार तनाव ने सोने की मांग में इजाफा किया है. अमेरिका ने चीन के इंपोर्ट पर टैरिफ को बढ़ाकर 145% तक कर दिया है. वहीं, इसके जवाब में चीन ने अमेरिकी सामानों पर 125% तक टैरिफ लगाकर जवाबी कार्रवाई की है. इससे सोने को लेकर निवेशकों की रुचि को और बढ़ा दिया है.
ग्लोबल सेंट्रल बैंकों की ओर से खरीदारी
दुनिया भर के कई प्रमुख सेंट्रल बैंक खासकर एशिया में हाल ही में अपने खरीदारी में इजाफा कर रहे हैं. यह ट्रेंड राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन के तहत बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता के बीच संभावित अमेरिकी मंदी पर बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है.
राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रमुख ट्रेड पार्टनर्स पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की योजना की घोषणा की है. हालाँकि इसे 90 दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया है. लेकिन सार्वभौमिक 10% टैरिफ पहले से ही लागू है. इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्यूटिकल्स पर लक्षित टैरिफ जल्द ही लागू होने की उम्मीद है.
सोने की कीमतों का ट्रेंड
ट्रम्प की टैरिफ पॉलिसी और उनके वैश्विक आर्थिक प्रभाव के बारे में चल रही अनिश्चितता के बीच सोने की कीमतों में तेजी जारी है. पिछले सेशन में स्पॉट गोल्ड थोड़ा बढ़कर 3,211.49 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि बुलियन 3,245.42 डॉलर के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया.
रिपोर्ट में गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि वह सोने के मीडियम अमेरिकी मंदी के बढ़ते जोखिम से खुद को बचाने के लिए तैयार है. इन चिंताओं के कारण हाल ही में फिजिकल बुलियन और ईटीएफ दोनों में निवेशकों की रुचि बढ़ी है.
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