नयी दिल्ली। पिछले कुछ महीने आर्थिक लिहाज से लोगों के लिए मुश्किल रहे हैं। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में रहने वालों और नौकरी गंवाने वालों के लिए। ऐसे में जो लोग सोना खरीद कर रखते हैं उनके लिए सोना बेच कर गुजारा करना अंतिम ऑप्शन हो सकता है। जो लोग सोने से ज्यादा लगाव नहीं रखते उनके लिए ऐसे समय पर सोना बेचना ही अच्छा है। सोने की कीमतें पिछले कुछ सालों में काफी बढ़ीं है। इसलिए ऐसी मुसीबत के समय गोल्ड बेच कर मुनाफा हासिल करना सही है, क्योंकि बढ़ी हुई कीमतों पर मुनाफा ज्यादा होगा। मगर फिजिकल सोने को बेचा कहां जाए ये अहम सवाल है। बता दें कि सोना बेचने के लिए अच्छी जगह वे कंपनियों हैं, जो कैश के लिए सोना खरीदने में माहिर हैं। आइए जानते हैं ऐसी कंपनियों की डिटेल।
अटिका, मुथूट गोल्ड प्वाइंट, डी गोल्ड जैसी कई कंपनियां हैं, जो सोने के बदले आपको तत्काल नकद भुगतान करती हैं। आप इन कंपनियों से सोने के बदले एनईएफटी ट्रांसफर भी ले सकते हैं। इनमें मुथूट गोल्ड प्वाइंट 10,000 रुपये तक नकदी देती है। बाकी पैसा ये एनईएफटी के जरिए ट्रांसफर करती है। वहीं अटिका गोल्ड कंपनी नकदी के लिए सोना खरीदने के अलावा आपके गिरवी रखे सोने को भी जारी करती है। कंपनी सोने की शुद्धता की जांच करने के लिए अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल करती है और कैश पेमेंट करती है। इसके लिए आपको अपना आधार कार्ड और पैन कार्ड चाहिए। अटिका की पूरी प्रोसेस में 15 मिनट से ज्यादा का समय नहीं लगता है।
ज्यादातर कंपनियों पास अपनी कई शाखाएं हैं। सोने की बिक्री के लिए फिजिकली मौजूद रहना जरूरी है। ऐसे सोने की इलेक्ट्रॉनिक बिक्री संभव नहीं है। बता दें कि मुथूट की लगभग 11 शाखाएँ हैं, जबकि भारत के 5 राज्यों के 100 से अधिक शहरों में अटिका की 200 से अधिक शाखाएँ हैं। डीगोल्ड एक और कंपनी है जो सोने की खरीदारी करती है। हालांकि अटिका की तुलना में इसकी शाखाएं सीमित हैं। अधिकांश कंपनियां आपको हाजिर कीमत देती हैं। इसके अलावा 2 प्रतिशत कमीशन भी लागू होता है।
याद रखें जब आप सोना बेचते हैं तो आपको एक टैक्स चुकाना पड़ता है। इस मामले में शॉर्ट टर्म या लॉन्ग टर्म कैपिटल गैन्स टैक्स लागू होता है। अगर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होगा तो राशि को आपकी कुल आय में जोड़ा जाएगा और आपको अपने टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होगा। यदि लॉन्ग टर्म कैपिटल गैन्स टैक्स लागू होगा तो बिना इंडेक्सेशन के इस पर 20.8 प्रतिशत टैक्स लगेगा। मगर मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए इंडेक्सेशन नंबर लागू होगा, जिसका मतलब है कि आपका शुद्ध टैक्स कम हो सकता है।
अपना सोना बेचने से पहले पूछताछ करना और सही रेट की जानकारी हासिल करना जरूरी है। यदि आप बड़ी मात्रा में सोना बेच रहे हैं तो यह बहुत संभव है कि आपको नुकसान हो सकता है। इसलिए सुनिश्चित करें कि आपको सही और उच्चतम रेट मिले।
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