नई दिल्ली, अगस्त 15। आज जहां पूरा देश 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, वहीं सोने के निवेशकों के पास जश्न मनाने के लिए कुछ खास कारण हैं। इस कीमती धातु ने पिछले 74 वर्षों में निवेशकों को 54,000 प्रतिशत से अधिक रिटर्न दिया है। 1947 में आजादी के बाद से सोने की रिटेल कीमत सर्राफा बाजार में 88.62 रु प्रति 10 ग्राम के स्तर से बढ़ कर आज करीब 48,000 रु प्रति 10 ग्राम हो गई है। एक्सपर्ट्स के अनुसार सोना निवेशकों के लिए एक आश्रय वाला ऑप्शन भी है, क्योंकि जब इक्विटी, बॉन्ड आदि जैसे अन्य निवेश जोखिम भरे हो जाते हैं (जैसा कि हाल ही में कोविड-19 महामारी के दौरान देखा गया) तो वे सोने का ही रुख करते हैं। 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी के बाद सोने की कीमतों में तेज वृद्धि देखी गई है।
जानकारों के अनुसार भारतीयों के बीच सोना एक पसंदीदा निवेश विकल्प रहा है। यह तब से एक आकर्षक निवेश साधन भी रहा है जब भारत 15 अगस्त 1947 को भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र बना। 1947 में सोने की औसत कीमत लगभग 88.62 रु प्रति 10 ग्राम थी और आज यह काफी अधिक है। सर्राफा बाजार में सोने की खुदरा कीमत लगभग 48,000 रु प्रति 10 ग्राम है। यानी इसने स्वतंत्रता के बाद लगभग 54,000 प्रतिशत रिटर्न दिया है।
2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी के बाद सोने के निवेश के महत्व को महसूस किया गया। दुनिया भर के लोगों को पता चला कि जब इक्विटी, बॉन्ड आदि जैसे अन्य निवेश नुकसान कराने लगते हैं तो सोना एक निवेशक का आश्रय होता है। 2008 तक, सोने की कीमत लगभग 12,500 रु प्रति 10 ग्राम थी, लेकिन उसके बाद वैश्विक स्तर पर सोने में किए गए निवेश में भारी वृद्धि हुई।
जैसा कि हमने बताया सोने की कीमत 2008 में 12,500 रु प्रति 10 ग्राम थी, जो आज बढ़ कर 48,000 रु प्रति 10 ग्राम हो गई है। यानी पिछले 13 वर्षों में सोने ने लगभग 284 प्रतिशत रिटर्न दिया है। अगर निवेश 9-10 साल की अवधि के लिए है तो सोना कम से कम 9-10 फीसदी सालाना रिटर्न दे सकता है। जानकार सलाह देते हैं कि जो निवेशक लंबी अवधि के लिए सोने में निवेश करना चाहते है, उन्हें इसी नजरिये से सोना खरीदना चाहिए कि कुल मिलाकर यह लंबी अवधि में सालाना 9-10 फीसदी का रिटर्न देगा।
सोने के निवेशकों को गोल्ड ईटीएफ, गोल्ड बॉन्ड आदि जैसे इलेक्ट्रॉनिक ऑप्शनों के जरिए निवेश करना चाहिए। यहां सेफ्टी और लिक्वडिटी अधिक मिलती है। क्या आज सोने में निवेश करना चाहिए जब सोने की कीमत 4 महीने के निचले स्तर पर है। इस पर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि लंबी अवधि में सोने के लिए आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है। एमसीएक्स पर 44,700 रु से 45,300 रु प्रति 10 ग्राम पर आए तो लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोने में निवेश का अच्छा मौका होगा।
1947 में सोना 89 रु, 1951 में 98 रु, 1961 में 119 रु, 1971 में 193 रु, 1981 में 1800 रु, 1991 में 3466 रु, 2001 में 4300 रु, 2011 में 26400 रु और 2021 में 48000 रु पर आया है।
More Articles
- ITR डेडलाइन: रिफंड अटकने से बचाना है तो अभी चेक करें AIS और TIS, वरना होगी परेशानी
- Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?
- अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका