नई दिल्ली: क्या सोने की चमक खत्म हो रही है, हम इस बात पर सोचने को मजबूर हो गए है। गोल्ड के दाम जब ऊंचाई पर हैं गोल्ड म्यूचुअल फंड्स का रिटर्न न सिर्फ कम हो रहा है बल्कि निगेटिव जोन में पहुंच गया है। गोल्ड फंडों और ईटीएफ का रिटर्न पिछले तीन महीनों में घटा है। Gold : वैक्सीन आने से क्या गोल्ड का रेट और ऊपर जाएगा, जानें यहां
3 महीनों से हो रहा नुकसान
जानकारों की माने तो इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीकाकरण की मुहिम और अर्थव्यवस्था में रिकवरी की उम्मीद हैं। बीते कुछ दिनों में सोने की कीमतें लगातार घटी हैं। गोल्ड फंडों ने पिछले तीन महीनों में -2.52 फीसदी रिटर्न दिया है। एक महीने में यह 0.10 फीसदी और एक हफ्ते में -2.15 फीसदी रहा है। इस साल अब तक भी कैटेगरी का रिटर्न निगेटिव रहा है। निगेटिव रिटर्न से इन स्कीमों में होने वाले निवेश पर असर पड़ा है। अगस्त 2020 में गोल्ड ईटीएफ में 907.85 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। यह दिसंबर 2020 में घटकर 430.65 करोड़ रुपये रह गया।
लगातार सात महीनों तक कुल निवेश के बाद नवंबर में गोल्ड ईटीएफ कैटेगरी में नेट आउटफ्लो देखने को मिला है। इसकी मुख्य वजह निवेशकों की मुनाफावसूली है। मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर- मैनेजर रिसर्च कहते हैं कि पिछले कुछ महीनों में सोने की कीमतें अपने सबसे ऊंचे स्तर से नीचे आई हैं। 2020 में सोना बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ा है। अब इससे वैसे ही रिटर्न की अपेक्षा नहीं की जा सकती है। मौजूदा हालातों को देखते हुए अगर बात करें तो अर्थव्यवस्थाएं पटरी पर लौट रही हैं। शेयर बाजार अच्छा कर रहे हैं। टीकाकरण शुरू होने के साथ आने वाले समय में सोने की कीमतें और नरम पड़ सकती हैं। ऐसे में गोल्ड फंडों के रिटर्न भी नीचे जाएंगे।
हम अपने इस खबर के जरिए आपको पिछले आठ वर्षों के कैलेंडर में गोल्ड फंडों ने कैसा प्रदर्शन किया है इस बारे में बताएंगे।
- साल 2020 में गोल्ड फंडों का रिटर्न 26.38 % मिला।
- साल 2019 में गोल्ड फंडों का रिटर्न 22.66 % मिला।
- साल 2018 में गोल्ड फंडों का रिटर्न 6.89 % मिला।
- साल 2017 में गोल्ड फंडों का रिटर्न 2.34 % मिला।
- साल 2016 में गोल्ड फंडों का रिटर्न 10.87 % मिला।
- साल 2015 में गोल्ड फंडों का रिटर्न -8.29 % मिला।
- साल 2014 में गोल्ड फंडों का रिटर्न -4.20 % मिला।
- साल 2013 में गोल्ड फंडों का रिटर्न -10.78 मिला।
एक जानकार की मानें तो अमेरिकी सरकार के अतिरिक्त राहत पैकेज से सोने की कीमतों में तेजी आने के आसार हैं। यह निवेश के साथ भारत और चीन में कंज्यूमर डिमांड बढ़ाएगा। हालांकि, अर्थव्यवस्था में रिकवरी की उम्मीद और लिक्विडिटी की अधिकता गोल्ड फंडों के विपरीत जा सकती है। जानकार मानते हैं कि सोने की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं की ग्रोथ का आपस में उल्टा संबंध है। वैक्सीन के कारण अभी आशावादी माहौल है। वी-शेप्ड इकनॉमिक रिकवरी की उम्मीद है।
हालांकि, जब कभी अनिश्चितता का माहौल बनेगा सोने की कीमतों में तेजी आएगी। छोटे निवेशकों को आम तौर पर गोल्ड फंडों में ज्यादा से ज्यादा 10 फीसदी निवेश की सलाह दी जाती है। गोल्ड आपको लंबी अवधि में रिटर्न देगा और आपके कुल पोर्टफोलियो को अस्थिरता से बचाएगा। कोई भी हर साल किसी एसेट से डबल डिजिट ग्रोथ की उम्मीद नहीं कर सकता है।
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