नई दिल्ली: भारतीय निवेशकों को इस समय गोल्ड में निवेश खूब भा रहा है। निवेशकों ने फरवरी के दौरान गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में 491 करोड़ रुपये का निवेश किया है। एसोसएिशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के मुताबिक, सिर्फ फरवरी 2021 के दौरान घरेलू निवेशकों ने गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में 491 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है। कमाई का बंपर मौका : जल्द आ रहा है Kalyan Jewellers का IPO, जानिए क्या है प्राइस बैंड
बजट में गोल्ड पर सीमा शुल्क में की गई कमी
एसोसिएशन का कहना है कि घरेलू निवेशक अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड की कीमतें घटने और डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती का पूरा फायदा उठा रहे हैं। वहीं, बजट 2021 में गोल्ड पर सीमा शुल्क में की गई कमी से घरेलू बाजार में सोने की कीमत शीर्ष से काफी घट चुकी है। ऐसे में निवेशक गोल्ड ईटीएफ में निवेश बढ़ा रहे हैं।
घरेलू निवेशकों ने जनवरी में 2021 के दौरान गोल्ड ईटीएफ में 625 करोड़ रुपये और दिसंबर 2020 में 431 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। इससे पहले नवंबर 2020 में गोल्ड ईटीएफ में 141 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी। क्वांटम म्यूचुअल फंड के सीनियर फंड मैनेजर ने कहा कि इस साल सोने के दाम में 9 फीसदी का सुधार आया है। निवेशक कीमत नीचे आने पर सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं। भारतीय निवेशक घरेलू दाम में नरमी का लाभ उठा रहे हैं। ब्याज दरों में कमी के साथ मौजूदा आर्थिक स्थिति और बढ़ती महंगाई के बीच निवेशक रणनीतिक संपत्ति में पूंजी लगा रहे हैं। इस समय सोने की कीमतों में जारी उठापटक के बीच लंबी अवधि के निवेश से लोगों को तगड़ा मुनाफा मिल सकता है।
इस बात की भी उम्मीद जताई जा रही है कि कि निवेशकों की ओर से गोल्ड ईटीएफ में निवेश का सिलसिला अभी जारी रहेगा। ज्यादा निवेशक कम जोखिम और ज्यादा मुनाफा देने वाले विकल्पों में पैसा लगाना पसंद कर रहे हैं। वे अपने निवेश पोर्टफोलियो में 10 से 15 फीसदी हिस्सा सोने के तौर पर रख सकते हैं। पिछले साल गोल्ड ईटीएफ में 6,657 करोड़ रुपये का कुल निवेश आया था। मार्च और नवंबर 2020 को छोड़कर गोल्ड में पूरे साल शुद्ध निवेश हुआ है। वहीं, 2019 में इसमें केवल 16 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। गोल्ड आधारित संपत्ति का आधार फरवरी 2021 के अंत में 14,102 करोड़ रुपये रहा, जो जनवरी 2021 में 14,481 करोड़ रुपये था।
- गोल्ड ईटीएफ को शेयरों की तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के कैश मार्केट में खरीदा-बेचा जा सकता है। इसमें कोई न्यूनतम लॉट साइज नहीं होता है।
- गोल्ड ईटीएफ की एक यूनिट एक ग्राम सोने के बराबर होती है।
निवेशक इसकी यूनिट्स को एकमुश्त या फिर सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिये थोड़ा-थोड़ा भुगतान कर खरीद सकते हैं।
- गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) के जरिए निवेशक इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सोना खरीद/बेच सकते हैं।
- भारत में गोल्ड ईटीएफ 2007 से चल रहे हैं और एनएसई और बीएसई में रेगुलेटेड इंस्ट्रूमेंट्स हैं। इन्हें कई म्यूचुअल फंड स्कीम्स के जरिए खरीद सकते हैं, जो बुलियन, माइनिंग या सोने के उत्पादन से जुड़े सहयोगी बिजनेसों में निवेश करती हैं।
- गोल्ड ईटीएफ में निवेश के कई फायदे हैं, जो इसे सोने के अन्य विकल्पों से बेहतर बनाते हैं।
- गोल्ड ईटीएफ खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है।
- इसमें एनएसई पर उपलब्ध गोल्ड ईटीएफ के यूनिट आप खरीद सकते है और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी।
- आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद गोल्ड ईटीएफ आपके अकाउंट में डिपाजिट हो जाते हैं।
- वहीं ईटीएफ के जरिए सोना यूनिट्स में खरीदते हैं, जहां एक यूनिट एक ग्राम की होती है।
- इससे कम मात्रा में या एसआईपी (सिस्टमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान) के जरिए सोना खरीदना आसान हो जाता है। जबकि भौतिक (फिजिकल) सोना आमतौर पर तोला (10 ग्राम) के भाव बेचा जाता है।
- ज्वैलर से खरीदने पर कई बार कम मात्रा में सोना खरीदना संभव नहीं हो पाता।
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