Global Recession : वैश्विक बाजार में मंदी का खतरा मंडरा रहा है, विश्व के सभी प्रमुख बाजारों में महंगाई अपने चरम पर है। विश्व की बड़ी अर्थव्यस्थाओं के सेंट्रल बैंक महंगाई के प्रभावों को कम कनरे के लिए ब्याज दरों में लगातार बढ़ोत्तरी कर रहे हैं। आने वाले वित्तीय कठिनाईयों से निपटने के लिए आपको अभी से विचार करना चाहिए।
- रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध ने वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन को अस्त-व्यस्त कर दिया है
- अमेरिका पिछले 40 वर्षों में मुद्रास्फीति के सबसे खराब प्रभाव से जूझ रहा है
- ब्रिटेन में मुद्रास्फीति 41 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है
- चीन का निर्यात घट रहा है
- पिछली तीन तिमाहियों में पहली बार जापान की अर्थव्यवस्था तेजी से निचे गिरी है
यह बिल्कुल स्पष्ट है कि दुनिया भर की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं गिरावट का सामना कर रही हैं। जानकारों का मानना है कि यह गिरावट अभी और जारी रह सकती है। ऐसी स्थिति में मंदी की पूरी संभावनाएं दिख रही हैं। आपको अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। चलिए हम कुछ उपायों के विषय में आपको बताते हैं।
घबड़ाएं नहीं
मंदी आर्थिक सर्किल का एक हिस्सा होती है और इनका असर अर्थव्यवस्था पर कुछ सालों तक ही रहता है। मंदी की स्थिति में आपको शांत रहने और स्थिति को स्वीकार करने की आवश्यकता होती है। जो आपके नियंत्रण से बाहर है उस पर जोर देने के बजाय शांत रहने ही अच्छा है। आप उन चीजों पर ध्यान दे जो आपके नियंत्रण में हैं। आप शांत मन से सामाधान के विषय में सोच सकते हैं। हमेशा याद रखें कि वैश्विक मंदी कठोर सर्दियाँ हैं, और सर्दियों के बाद गर्मी और वसंत का मौसम जरूर आता है।
हमेशा यह कहा जाता है, कि बुरे दिन के लिए तैयार रहना हमेशा अच्छा होता है, और कठिन समय आपको परखता है। कोई भी व्यक्ति सटीक आपात स्थिति की भविष्यवाणी नहीं कर सकता है। कठिन समय किसी भी रुप में आ सकता है। वेतन में कटौती या नौकरी छूटने से लेकर मेडिकल या यहां तक कि कार खराब होने तक, आपात स्थिति के दायरे में आते हैं। मेडिकल इमरजेंसी को आप बीमा के माध्यम से कवर कर सकते हैं, लेकिन, आपको अन्य आपात स्थितियों के लिए प्रंबंधित रहना होगा। इसीलिए अपने मासिक खर्च के हीसाब से हमेशा कम से कम 6 महीने का इमरजेंसी फंड जरूर तैयार रखें। इमरजेंसी फंड हमेशा कठिन समय में बल देता है।
कर्ज चुकाने को दे प्राथमिकता
जल्दी कर्ज चुकाने से आपको ब्याज राशि बचाने में मदद मिलेगी। लोन से पूर्ण मुक्ति पाना एक बहुत ही जरूरी काम होता है। विशेष रूप से उच्च-ब्याज वाले लोन, जैसे कि क्रेडिट कार्ड लोन, पर्सनल लोन आदि। इस तरह के उच्च-ब्याज वाले लोन को चुकाने से आप नियमित ईएमआई के तनाव को दूर कर सकेंगे। येसा करने से आपके CIBIL स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव भी नहीं पड़ेगा।
एक ही सेक्टर की कंपनियों में निवेश करना आपके जोखिम को और बढ़ा सकता है, मंदी के दौरान कई बार एक खास सेक्टर बुरी तरह से प्रभावित होता है, तो वहीं कुछ सेक्टर मंदी में भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं। इसलिए अपने निवेश को पहले से ही विभिन्न सेक्टर की कंपनियों में लगाना एक सही विकल्प होता है। आप इक्विटी, लोन, एफडी, सोना, रियल एस्टेट, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी, आदि सेकटरो में निवेश करें।
बीमा है जरूरी
आपात स्थिति किसी भी समय उत्पन्न हो सकती है, और जिस तरह हम आपात स्थितियों के लिए एक इमरजेंसी फंड तैयार करते हैं, उसी तरह हमें चिकित्सा, दुर्घटना, चोरी, आग, मृत्यु, या किसी अन्य प्रकार की आपात स्थिति के लिए बीमा करवाना चाहिए। कठिन समय में इस प्रकार के बीमा बेहद ही उपयोगी होते हैं।
दो तरह का बानाए बजट
आपको हमेशा इस इमरजेंसी बजट के साथ साथ एक खात तरह का बजट भी तैयार करना चाहिए, जो आपको मंदी के दौरान अपनी जरूरतो में कटौती न करने में मदद करें। आप इस तरह की बजट का उपयोग मंदी के दौरान किसी प्रकार का बिजिनेस शुरू करने के लिए कर सकते हैं।
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