UP: मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से मेरठ प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माणकर्ताओं से कहा गया है कि इस एक्सप्रेस को शीघ्र बनाकर पूरा करें।

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यह एक्सप्रेसवे जो 595 किलो मीटर लंबा है। इसके कार्य को दिसंबर 2034 तक पूरा करने के लिए कहा गया है ताकि प्रयागराज के कुंभ मेले से पहले जनता के लिए इस एक्सप्रेसवे को खोला जा सके।

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इस प्रोजेक्ट में 36 हजार करोड़ रु से अधिक राशि के खर्च होने का अनुमान है। वर्ष 2025 के आखिरी तक इसके पूरे होने की उम्मीद थी लेकिन इसके कार्य में तेजी लाने को कहा गया है।

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी की तरफ से अधिकारियों को कहा गया है कि वे उपकरण और मैनपावर बढ़ाएं।

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औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने इसकी प्रगति की समीक्षा के लिए एक बैठक के दौरान कहा कि एक्सप्रेसवे सीएम योगी का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के निर्माण में कोई ढिलाई नहीं की जायेगी।

उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के दौरान एक्सप्रेसवे बेहद आसान यात्रा की सुविधा प्रदान करेगा। जिसमें लगभग 400 मिलियन पर्यटकों की मेजबानी करने की उम्मीद है। मेले के लिए उत्तर प्रदेश सरकार 6 हजार 800 करोड़ रु के बजट का अनुमान लगाया है।

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पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत यह एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। 12 जिलों- अमरोहा, संभल, मेरठ, हापुड़,उन्नाव, रायबरेली, बदायूं, शाहजहांपुर,बुलंदशहर, हरदोई, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में चलेगी।

एक्सेस - नियंत्रित छह-लेन (आठ लेन तक विस्तार योग्य) गंगा एक्सप्रेसवे को तीन पैकेजों के सात विभाजित किया गया है और 4 ग्रुप में विभाजित किया गया है। जिसमें 12 पैकेज हैं।

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उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्माण में मिट्टी की कमी को दूर करने के लिए फ्लाई ऐश के इस्तेमाल की अनुमति दे दी।