Gandhar Oil IPO Listing: आपको बताते चलें की गांधार ऑयल रिफाइनरी के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में शेयरों की शुरुआत 298 रुपये प्रति शेयर पर हुई, जो आईपीओ की कीमत 169 रुपये से 76.33 प्रतिशत अधिक है। वहीं बीएसई पर, स्टॉक 74.79 प्रतिशत प्रीमियम पर 295.4 रुपये पर शुरू हुआ। रीजनेबल वैल्यूएशन के कारण गंधार ऑयल रिफायनरी को आईपीओ की 64 गुना सब्सक्रिप्शन डिमांड की उम्मीद से ज्यादा बेहतर रिजल्ट मिला है।
आपको बताते चलें कि तीसरे दिन इस कंपनी की आईपीओ को 64.7 गुना सब्सक्राइब किया गया है। गांधार ऑयल रिफाइनरी के लिए संस्थागत निवेशकों ने 129 गुना बोली लगाई वहीं गैर-संस्थागत निवेशकों ने 62.23 गुना की और रीटेल निवेशकों द्वारा 28.95 गुना की बोली लगाई गई है।
गौरतलब है कि कंपनी ने 302 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू और 198.69 करोड़ रुपये मूल्य के 1.18 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश के जरिये 500.69 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है।
इस आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 106 रुपए से 169 रुपए प्रति शेयर तक फिक्स किया गया था। गांधार ऑयल रिफायनरी के अपर प्राइज बैंड में कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1,654 करोड़ रुपये है।
गौरतलब है कि इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ से पहले मंगलवार को इस कंपनी ने एंकर इन्वेस्टर्स के जरिए 150.2 करोड रुपए जुटाए थे। इसके अलावा कंपनी ने 16 एंकर निवेशकों को 169 रुपए प्रति शेयर के भाव से 88.88 लाख इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं।
आपको बताते चलें की इसमें मेजर एंकर इन्वेस्टर में आइसीआइसीआइ प्रूडेंशियल ईएलएलएस टैक्स सेवर फंड, एचडीएफसी म्युचुअल फंड,मॉर्गन स्टैनली एशिया (सिंगापुर) पीटीई, सोसिएट जनरल, व्हाइट कैपिटल ओक फ्लेक्सी कैप फंड,और आदित्य बिरला सन लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन जैसे कई और इन्वेस्टर्स शामिल थे।
आपको बताते चलें कि 375 करोड़ रुपए की कीमत वाले फ्रेश इश्यू से रीपेमेंट फाइनेंसिंग, उपकरण और सिविल कार्य की खरीद, ब्लेंडिंग टैंक्स इंस्टॉल करके आटोमोटिव ऑयल, पेट्रोलियम जेली और व्हाइट ऑयल की कैपेसिटी में विस्तार, आवश्यकताओं और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए वित्तपोषण के लिए फंडिंग के जरूरी काम किया जाएंगे।
गांधार ऑयल रिफाइनरी को व्हाइट ऑयल का लीडिंग मैन्युफैक्चरर माना जाता है। इस कंपनी का फोकस कंज्यूमर और हेल्थ केयर इंडस्ट्रीज पर है। इस रिफाइनरी कंपनी के अंतर्गत 350 से ज्यादा प्रोडक्ट आते हैं, जिनमें पर्सनल केयर, हेल्थ केयर और परफॉर्मेंस तेल भी शामिल है। यह लुब्रिकेंट और प्रोसेस एंड इंसुलेटिंग ऑयल भी बनाता है।
आपको बताते चलें की जून महीने के क्वार्टर में गांधार तेल रिफाइनरी ने 1070 करोड रुपए का रेवेन्यू जुटाया था। वही इस दौरान कंपनी के नेट प्रॉफिट में 44.8 करोड़ का इजाफा हुआ था।
गौर करने वाली बात यह है कि फाइनेंशियल ईयर 2022 में रेवेन्यू के हिसाब से घरेलू और विदेशी बिक्री सहित यह कंपनी भारत की सबसे बड़ी व्हाइट ऑयल मैन्युफैक्चरर के रूप में उभरी थी। यह ऑयल रिफाइनरी कंपनी सीवाई 21 में बाजार हिस्सेदारी के मामले में वैश्विक स्तर पर टॉप फाइव प्लेयर्स में से एक रही है।
बताते चलें कि गंधार रिफायनरी के प्लांट महाराष्ट्र, सिलवासा, दादरा नगर हवेली, दमन और दीव,तजोला के अलावा शारजाह के साथ यूनाइटेड अरब अमीरात में भी स्थापित हैं। अक्टूबर 2022 के आंकड़ों के मुताबिक यह ऑयल रिफायनरी तीन मैन्युफैक्चरिंग फैसेलिटीज को मिलाकर कुल 522,403 kL का प्रोडक्शन करती है।
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