G-20 meeting will be held in Narendranagar on May 24-25: उत्तराखंड में जी 20 की दोबारा बैठक होने जा रही है। जी 20 की यह बैठक 24-25 मई को नरेंद्रनगर में होगी। जी20 की इस दूसरी बैठक के लिए मुनि-की-रेती और लक्ष्मण झूला क्षेत्र पूरी तरह से सज-धज कर तैयार हो चुका है।

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यहां पर विदेशी मेहमान गंगा जी की शाम की आरती में शामिल होंगे, तो कल-कल बहती गंगा के बीच उन्हें एक अलौकिक अनुभूति होगी। उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने मुनि की रेती और लक्ष्मण झूला क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया और जरूरी निर्देश भी दिये।

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इस पूरे क्षेत्र को बड़ी खूबसूरती और कलात्मक तरीके से सजाया गया है। यूं तो माँ गंगा के पावन तट पर आम दिनों में भी अलग अनूभूति का अहसास होता है लेकिन जी-20 में प्रतिभाग करने आ रहे विदेशी मेहमानों को उत्तराखंड की संस्कृति से रूबरू कराने के भी पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।

जानकी सेतु पर जहां बजरंग बली जी की भव्य आकृति मेहमानों को आकर्षित करेगी तो गंगा घाटों पर लगी रेलिंग इत्यादि की भी साज-सज्जा अपनी ओर आकर्षित कर रही है। जी-20 के लिए सबसे पहले मेहमान देहरादून के जॉलीग्रांट एयरपोर्ट आयेंगे।

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इसी कारण एयरपोर्ट के अंदर और बाहर उन्हें उत्तराखंड की संस्कृति के दीदार कराने के लिए दीवारों पर सुंदर आकृतियां उकेरी गई हैं, तो एयरपोर्ट में लैंडस्केप आदि के कार्य भी नए सिरे से किये गए हैं। एयरपोर्ट से नरेन्द्र नगर जाने वाले मार्ग को भी सलीके से सजाया गया है। इसी तरह पौड़ी के मुनि की रेती और लक्ष्मण झूला में भी नए सिरे से साज-सज्जा की गई है। गंगा के बीच स्थित महादेव की प्रतिमा भी आकर्षण का बड़ा केंद्र होगी।

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इसके अलावा दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाली उत्तराखण्ड की झांकी 'मानसखण्ड' को सम्पूर्ण उत्तराखण्ड भ्रमण के पश्चात गढ़ी कैण्ट स्थित संस्कृति विभाग के हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र परिसर में स्थायी रूप से स्थापित कर दिया गया है।

इस झांकी को प्रदेश की आम जनता के अवलोकनार्थ प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर डेढ़ माह तक पूरे प्रदेश में भ्रमण कराया गया था। इसका शुभारम्भ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से 5 अप्रैल को किया गया था।

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मुख्यमंत्री ने इस झांकी को गढ़ी कैण्ट स्थित संस्कृति विभाग के हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र परिसर में संरक्षित रखने के निर्देश दिये थे। इस झांकी के अग्र तथा मध्य भाग में कार्बेट नेशनल पार्क में विचरण करते हुए हिरन, बारहसिंघा, घुरल, मोर तथा उत्तराखण्ड में पाये जाने वाली विभिन्न पक्षियों व झांकी के पृष्ठ भाग में प्रसिद्ध जागेश्वर मन्दिर समूह तथा देवदार के वृक्षों को दिखाया गया था, साथ ही कुमांऊ की प्रसिद्ध लोक कला 'ऐपण' का भी झांकी में समावेश किया गया था।

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ध्यान रहे कि वर्ष 2021 में गणतंत्र दिवस परेड में तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने वाली उत्तराखण्ड की झांकी 'केदारखण्ड' को भी इसी परिसर में स्थापित किया गया है। भविष्य में प्रदेश की आम जनता द्वारा इन झांकियों का अवलोकन कभी भी किया जा सकता है।