नई दिल्ली। आईसीआईसीआई बैंक और वीडियोकॉन मामले में बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक और सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को गिरफ्तार किया गया है। ईडी ने वीडियोकॉन ग्रुप के मुखिया वेणुगोपाल धूत को आईसीआईसीआई बैंक से गलत तरीके से 3250 करोड़ रुपये का लोन दिए जाने के मामले में यह गिरफ्तारी की है। इस मामले में ईडी आईसीआईसीआई बैंक की तरफ से दिए वीडियोकॉन समूह को कर्ज में हुई अनियमितता और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है। इसमें आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर सहित कई के खिलाफ जांच चल रही है। इस मामले में चंदा कोचर के देवर से भी पूछताछ की जा चुकी है।

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ये है लोन घोटाला

विडियोकॉन ग्रुप को 2012 में आईसीआईसीआई बैंक ने 3,250 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था। यह कर्ज कुल 40 हजार करोड़ रुपये का एक हिस्सा था, जिसे विडियोकॉन ग्रुप ने एसबीआई के नेतृत्व में 20 बैंकों से लिया था। कहा जाता है कि विडियोकॉन ग्रुप के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने 2010 में 64 करोड़ रुपये न्यूपाॅवर रीन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड को दिए थे। इस कंपनी को खुद धूत ने दीपक कोचर और दो अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर खड़ा किया था। आरोप है कि यह 64 करोड़ रुपये न्यूपॉवर को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने के लिए दिए गए। क्योंकि न्यूपॉवर के मालिक आईसीआईसीआई बैंक की उस वक्त सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर समेत उनके परिवार के सदस्य थ। ऐसे में आरोप है कि धूत ने यह कर्ज पाने के लिए गलत तरीका अपनाया और बैंक ने वित्तीय लाभ देकर यह कर्ज पास किया। कहा जाता है कि आईसीआईसीआई बैंक से लोन मिलने के 6 महीने बाद ही धूत ने न्यूपॉवर कंपनी का स्वामित्व दीपक कोचर की एक ट्रस्ट को 9 लाख रुपये में ट्रांसफर कर दिया था।
आज इसी मामले में ईडी ने अब तक की सबसे बड़ी गिरफ्तारी की है। माना जा रहा है कि अभी और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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